
नई दिल्ली।

मार्च से कोरोना लॉकडॉउन लगने के बाद 165 दिन बाद दिल्ली मेट्रो स्टेशन के दरवाजे खुल गए हैं। ट्रेन का ट्रायल शुरू हो गया है। कोरोना महामारी के बीच कई पाबंदियों के साथ 7 सितंबर, सोमवार से मेट्रो की पहली आवाजाही येलो लाइन पर शुरू हो जाएगी।

स्टेशनों पर गेट कम खुलेंगे, ऑटोमेटिक बुखार नापने वाली व सैनिटाइजर मशीन लगी होगी और बुखार या ऐसे लक्षण मिले तो तुरंत अस्पताल भेज दिया जाएगा। यात्रा के दौरान स्टेशन पर मास्क, 2 गज की दूरी जरूरी है। यात्री 10 से 15 मिनट का समय ज्यादा लेकर छोटे सैनिटाइजर के साथ चलेंगे।
डिसइंफेक्शन के लिए यूवी लाइट्स का इस्तेमाल
दिल्ली मेट्रो परिसर के डिसइंफेक्शन के लिए यूवी लाइट्स का इस्तेमाल करेगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर ने बताया कि दिल्ली मेट्रो की डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के साथ यूवी लाइट्स डिसइंफेक्शन टेक्नोलॉजी को विकसित करने को लेकर बातचीत जारी है, ताकि इसका उपयोग उन सतहों को साफ करने के लिए किया जा सके, जो अक्सर यात्रियों के संपर्क में आती हैं, खासकर स्टेशन परिसर और ट्रेनें। जब तक COVID-19 महामारी रहती है, तब तक यात्रियों के लिए हाइजेनिक व्यवस्था बनाए रखना मेट्रो का इकलौता लक्ष्य होगा।
इस दिशा में मेट्रो ने कई कदम उठाए हैं:-
►दिल्ली मेट्रो पहले ही अपनी गाइडलाइंस में बता चुकी है कि एंट्री केवल स्मार्ट कार्ड के जरिए होगी.
►लिफ्ट में कम से कम ह्यूमन कॉन्टैक्ट रखने के लिए पैर से चलने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम लगाया गया है. करीब 16 मेट्रो स्टेशनों पर 50 लिफ्ट में ये सिस्टम लगाया गया है. इसके जरिए यात्री बिना हाथ का इस्तेमाल किए लिफ्ट का संचालन कर सकते हैं. लिफ्ट पैर से बटन दबाकर खुलेगी और उसमें दो या तीन लोग.
► एक्सीलेटर पर एक सीढ़ी छोड़कर यात्री खड़े होंगे।
► सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए हर स्टेशन पर केवल कुछ ही गेट चालू रहेंगे. एंट्री और एग्जिट के लिए अलग-अलग गेट होंगे.
►यात्री कों एक सीट छोड़कर बैठना होगा. DMRC उन सीटों को चिन्हित करेगी, जिन पर बैठना प्रतिबंधित होगा. वहीं स्टेशन के भीतर भी हैंड सेनेटाइजर की व्यवस्था की जाएगी.
►ट्रेन से निकलते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए दिल्ली मेट्रो स्टॉपेज टाइमिंग बढ़ाएगा।
►भीड़ के नियंत्रण के लिए स्टेशनों ट्रेनों में लगे सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाएगी।
►10 सेकंड के बजाय ट्रेन को 20 से 25 तक रोका जाएगा, जबकि इंटरचेंज स्टेशन 35 से 40 सेकेंड तक मेट्रो रुकेगी।
►सामान भी जहां सेनेटाइज किया जाएगा, वहीं यात्रियों को सिर्फ कार्ड से ही यात्रा की अनुमति होगी और कार्ड को ऑनलाइन रिचार्ज करवाया जा सकेगा।
►हर फेरे के बाद ट्रेन को सेनेटाइज किया जाएगा और शाम को डिपो को पूरी तरह से सेनेटाइज किया जाएगा।
►टर्मिनल स्टेशन पर ट्रेन के दरवाजों को खुला रखा जाएगा ताकि ताजी हवा ट्रेन में आ सके।
►इसके साथ ही एयर कंडीशनिंग वेंटिलेशन के लिए वाटर कूलर का इस्तेमाल किया जाएगा।
मेट्रो पर तैनात 800 अधिकारियों, कर्मचारियों की टीम स्टेशनों के भीतर साफ-सफाई और व्यवस्था देखेंगे और भीड़ बढ़ने शारीरिक दूरी का पालन ना होने पर स्टेशन को बंद भी किया जा सकता है।



