
Patna : बिहार विधानसभा चुनाव में सियासी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। पार्टियां अपने चुनावी रण में उतरने वाले अपने ‘योद्धाओं’ के नाम जारी करने में जुटी हैं। हालांकि, अब तक महागठबंधन की ओर से सीट बंटवारे को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन चुनावी योद्धा रण में उतरने के लिए नामांकन भरने लगे हैं।

महागठबंधन समन्वय समिति के प्रमुख तेजस्वी यादव ने बुधवार को अपने पुराने निर्वाचन क्षेत्र राघोपुर से नामांकन भर दिया। इधर, महागठबंधन में शामिल भाकपा (माले) के भी छह उम्मीदवारों ने बुधवार को नामांकन किया।

भाकपा (माले) की ओर से फुलवारीशरीफ से निवर्तमान विधायक गोपाल रविदास ने नामांकन का पर्चा दाखिल किया तो दीघा से दिव्या गौतम, तरारी से मदन सिंह चंद्रवंशी, अगिआंव से शिवप्रकाश रंजन, डुमरांव से अजीत कुमार सिंह और भोरे से जितेंद्र पासवान ने पर्चा दाखिल किया।
इधर, महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने भी अब उम्मीदवारों को सिंबल बांटने शुरू कर दिए हैं। इस बीच, उम्मीदवारों की सूची जारी होने से पहले ही कांग्रेस में आंतरिक कलह भी सामने आई है। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली से पटना पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम का जमकर विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नेताओं पर टिकट बेचने के गंभीर आरोप लगाए।
इस बीच, कांग्रेस की ओर से बुधवार की शाम को औरंगाबाद विधानसभा से आनंद शंकर सिंह, राजापाकड़ विधानसभा क्षेत्र से प्रतिमा दास, बछवाड़ा से शिवप्रकाश गरीबदास और बरबीघा विधानसभा क्षेत्र से त्रिशूलधारी सिंह को सिंबल दे दिया गया।
बता दें कि महागठबंधन के नेताओं के सीट बंटवारे को लेकर पटना से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर चलता रहा, लेकिन अब तक सीट बंटवारे को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हो सकी।
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) के नेतृत्व वाले एनडीए और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच माना जा रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। (IANS)


