Patna : प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पटना जोनल कार्यालय ने ठेकेदार रिशु श्री के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत कार्रवाई करते हुए तीन राज्यों में उसके ठिकानों पर छापेमारी कर 11.64 करोड़ रुपए की नकदी और कई दस्तावेज जब्त किए हैं।

ईडी ने बिहार के पटना और मुजफ्फरपुर, गुजरात के सूरत और हरियाणा के पानीपत में नौ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और लगभग 11.64 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए। जांच अभी जारी है।

जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई बिहार की विशेष सतर्कता इकाई (एसवीयू) द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू की।
रिशु श्री की फर्म बिहार सरकार के विभिन्न विभागों जैसे जल संसाधन, स्वास्थ्य, सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग, शहरी विकास, बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बीयूआईडीसीओ), शिक्षा, भवन निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग में ठेकेदार या उपठेकेदार के रूप में काम करती है।
उन पर आरोप है कि उन्होंने निजी लाभ के लिए सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर निविदाओं में गड़बड़ी की।
तलाशी अभियान में रिशु श्री के अलावा उनके कुछ करीबी व्यक्तियों और ट्रैवल एजेंटों के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
इससे पहले ईडी ने इस मामले से जुड़े सरकारी अधिकारियों के पटना स्थित घरों पर भी छापेमारी की थी, जिसमें भारी मात्रा में नकदी और आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी।
ईडी के अनुसार, रिशु श्री और उनके सहयोगियों ने सरकारी ठेकों में अनियमितताओं के जरिए अवैध कमाई की और इसे विभिन्न तरीकों से छिपाने की कोशिश की। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों से इस मामले में और गहरी साजिश का खुलासा होने की संभावना है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में और भी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
ईडी ने कहा कि जब्त सामग्री की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। (IANS)



