
Patna: श्रीमद फाऊंडेशन, पटना के वार्षिकोत्सव – 2023 के अवसर पर अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए पद्मश्री डॉ. उषाकिरण खान ने कहा कि श्रीमद फाउंडेशन का समाज निर्माण का हर कार्यक्रम वर्तमान परिपेक्ष्य में बहुत सन्दर्भित है। साहित्य, शिक्षा और अध्यात्म के संयुक्त गतिविधि के साथ श्रीमद फाउंडेशन समाज निर्माण में लगा है। महिलाओं, किसानों, बच्चों और आर्थिक-सामाजिक रूप से हाशिए पर रह रहे लोगों के बीच काम कर जिस स्वस्थ और सुंदर समाज की परिकल्पना को साकार रूप दे रही है, वह सराहनीय है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. गीता पुष्प शॉ ने कहा समाज में समरसता के लिए जीवन में अध्यात्म का समावेश बहुत आवश्यक है।श्रीमद फाउंडेशन के माध्यम से रीता सिंह आध्यात्म को जीवन में घोलने का सुंदर कार्य कर रही हैं।

दिल्ली से आई समाज सेविका और हीलर श्रीमती सुरेखा पोद्दार ने कहा कि मैं 2012 से ही श्रीमद फाउंडेशन की गतिविधि को देख रही हूं। समाज में नैतिकता जागरण और तनावरहित जीवन निर्माण में न्यास योग ऊर्जा उपचार तकनीक बहुत उपयोगी है।
रांची से आई डॉ. प्रभा ने कहा कि एलोपैथ में दवा से इलाज होता है। पर कहीं-कहीं संवेदना, सहयोग की जरूरत होती है, ऐसे समय में संवेदना से जुड़े वैकल्पिक चिकित्सा की जरूरत पड़ती है। इस क्षेत्र में रीता जी बहुत बेहतर काम कर रही हैं।
इंस्टीच्यूट ऑफ हिलींग ऑफ अल्टरनेटिव थेरेपी की डायरेक्टर सुमिता साही ने कहा कि न्यास योग प्रणेता डॉ. बी.पी.साही ने यह सुंदर तकनीक हमें दी है जो मनुष्य को स्वस्थ जीवन जीने की शैली प्रदान करता है। ऊर्जा उपचार पद्धति का मुख्य लक्ष्य है आदर्श मानव और आदर्श राष्ट्र का निर्माण। दिव्य प्रेम की स्थापना जन-जन में होना ही स्वस्थ भारत अभियान की सफलता है यही न्यास योग ऊर्जा उपचार या किसी भी ऊर्जा उपचार का लक्ष्य है।
इससे पहले श्रीमद फाउंडेशन गान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। श्रीमद फाउंडेशन के अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने सभी सदस्यों का स्वागत किया। फाउंडेशन की सदस्य रेखा सिंह ने संस्था का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। डॉ. उषाकिरण खान की पुस्तक ” उसी देहरी पर” एवं न्यासयोग शोध पत्रिका का विमोचन विमोचन हुआ।

“उसी देहरी पर” पुस्तक की समीक्षा करते हुए साहित्यकार भावना शेखर ने कहा कि जमीनी सच्चाई से जुड़ी यह कहानी संग्रह बहुत सूक्ष्म में सामाजिक विश्लेषण है। सभी यह कहानी संग्रह जरूर पढ़ें।
फाउंडेशन की तरफ से न्यास योग ऊर्जा उपचारकों , उधमियों एवं साहित्यकारों एवं विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया गया।
न्यास योग चिकित्सा में योगदान के लिए डॉ. बी.पी.साही सम्मान – 2023, उत्तरा सिंह, न्यासयोग ग्रैंडमास्टर एवं श्रीमती रेणुका कुमारी, न्यासयोग ग्रैंड मास्टर को दिया गया। समाज सेवा के लिए उषा सिंह स्मृति सम्मान – 2023, श्रीमती सुरेखा पोद्धार, समाजसेवी, दिल्ली को, श्रीमद पर्यावरण संरक्षण सम्मान – 2023, वीणा पालीवाल, पिपरिया, मध्यप्रदेश को, श्रीमद साहित्य सम्मान – 2023 डॉ. प्रवीण कुमार त्रिपाठी, रांची को, रॉबिन शॉ पुष्प सम्मान – 2023, श्रीमती नन्दनी प्रनय, रांची को, श्रीमद मानवता भाव सम्मान – 2023, डॉ प्रभा कुमारी को, झारखंड, श्रीमद समाजसेवी सम्मान – 2023, किरण झा, पश्चिम बंगाल को, श्रीमद वैकल्पिक चिकित्सा सम्मान – 2023 , सीमा झा, दरभंगा, राकेश चंद्रा स्मृति सम्मान – 2023, पवन सहनी, दरभंगा, श्रीमद सम्मान 2023, लालमणि को, श्रीमद सम्मान 2023, रामविलास पांडे को, श्रीमद सम्मान 2023, डॉ नाजिया को दिया गया है।
भारत के विभिन्न कोने से आये 20 न्यासयोग ग्रैंड मास्टर
दीप्ति पालीवाल, पद्मा हिरास्कर, कंचन भलोटिया, गायत्री हिरास्कर, वीणा पालीवाल किरण प्रसाद, नीलम सिंह, राहुल वर्मा, रीना वर्मा, अभिनव क्षीरसागर, अमृता प्रीतम, प्रशांत कुमार, सीमा झा, रश्मि कुमारी, मंजु कुमारी, लक्ष्मी शुक्ला, ज्योति सिंह एवं बैजू कुमार आदि को प्रमाणपत्र वितरण किया है।
मंच संचालन अमृता प्रीतम ने किया और धन्यवाद ज्ञापन फाउंडेशन की सचिव डॉ रीता सिंह ने किया।


