
Patna: बिहार में अब सड़क दुर्घटनाओं की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी तथा इसके कारणों का पता लगाना अब आसान होगा। राज्य में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की पड़ताल और निदान के लिए अब इससे जुड़े आंकड़ों की आनलाइन निगरानी शुरू हो गई है। इसके लिए आई रेड एप की मदद ली जा रही है।

इसके संचालन की जिम्मेदारी फिलहाल नेशनल इंफोरमेटिक सेंटर (NIC) को दी गई है। इस साफ्टवेयर की मदद से हर सड़क दुर्घटना की लाइव इंट्री की जा रही है। इसमें हादसे की जगह की तस्वीर के साथ उसका विस्तृत विवरण और कारणों के साथ रिपोर्ट भी शामिल है।

इस काम के लिए जिलों में एनआइसी के माध्यम से रोल आउट मैनेजर की नियुक्ति भी शुरू हो गई है। रोलआउट मैनेजरों को सड़क दुर्घटनाओं के बाद काम करने वाले संबंधित विभागों के साथ सीधा समन्वय स्थापित करना होगा।
एक अधिकारी ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि रोल आउट मैनेजर सड़क दुर्घटना के बाद परिवहन, पुलिस, पथ निर्माण और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय करेंगे और मिलकर रिपोर्ट तैयार करने में सहयोग करेंगे। इसके लिए सड़क सुरक्षा से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
केंद्र सरकार की पहल पर लागू की गई इस नई व्यवस्था का मकसद सड़क हादसों में कमी लाना है। एप के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं का केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार होगा। इसमें सड़क दुर्घटना के कारणों के साथ उसका विश्लेषण भी होगा। इस माइक्रो रिपोर्ट के आधार पर सड़क दुर्घटनाओं के निदान की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के निर्णय के बाद आई रेड एप को पूरे देश में लागू किया गया है। बिहार के सभी जिलों में इस एप्प के माध्यम से काम प्रारंभ हो गया है।
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