
काबुल: तालिबान का बदला हुआ रूप अब लोगों को साफ दिखने लगा है कि उसकी क्रूरता और परंपरावादी सोच में कोई बदलाव नहीं होने वाला है। अब तालिबान ने अफगानिस्तान में महिलाओं को अधिकार देने के अपने वादे से पीछे हटते हुए सहशिक्षा पर प्रतिबंध लगाने का एलान किया है। वहीं, तालिबान ने हर हफ्ते बैंक से 200 डालर (दो हजार अफगानी) से अधिक निकासी पर भी रोक लगा दी है।

अफगानिस्तान में नई सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे तालिबान ने एक दिन पहले ही शेख अब्दुल बाकी हक्कानी को अफगानिस्तान का कार्यवाहक उच्च शिक्षा मंत्री नियुक्त किया था।

अफगान पत्रकार बशीर अहमद ग्वाख ने ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा कि तालिबान ने सहशिक्षा पर रोक की आधिकारिक घोषणा कर दी है। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा है कि पुरुषों को लड़कियों को पढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। इससे लड़कियां उच्च शिक्षा से वंचित रह जाएंगी, क्योंकि विश्वविद्यालय इसे वहन नहीं कर पाएंगे और इतने मानव संसाधन भी नहीं हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में तालिबान ने पहले ही कॉलेज और विश्वविद्यालयों में सहशिक्षा पर रोक लगा दी थी। पुरुष शिक्षकों को छात्राओं को पढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। कार्यवाहक शिक्षा मंत्री हक्कानी ने कहा है कि शरिया कानून के तहत ही शिक्षा दी जाएगी।
कई लोगों ने तालिबान के इस कदम की निंदा की है, क्योंकि विश्वविद्यालयों की हालत ऐसी नहीं है कि वो लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग कक्षाओं की व्यवस्था कर सकें।
तालिबान ने सभी अफगान नागरिकों से कहा है कि वह हथियार, वाहन व अन्य सभी सरकारी संपत्तियों को संबंधित विभाग के अधिकारियों को वापस कर दें। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी इस आदेश को ट्विटर पर साझा किया है।
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