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कोवैक्सीन को अमेरिका में नहीं मिली मंजूरी

भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन को एफडीए की ओर से अमेरिका में प्रय़ोग की मंजूरी नहीं दी गई है। एफडीए ने इमरजेंसी यूज के लिए किए गए आवेदन को नामंजूर करते हुए क्लीनिकल ट्रायल से संबंधित अधिक डेटा मांगा है।

वॉशिंगटन: भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन को एफडीए की ओर से अमेरिका में प्रय़ोग की मंजूरी नहीं दी गई है। एफडीए ने इमरजेंसी यूज के लिए किए गए आवेदन को नामंजूर करते हुए क्लीनिकल ट्रायल से संबंधित अधिक डेटा मांगा है।

दरअसल कुछ दिनों पहले कोवैक्सीन के लिए अमेरिकी साझेदार ऑक्यूजेन ने अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से इस वैक्सीन के आपात प्रयोग की अनुमति मांगी थी। ओक्यूजेन अमेरिका की एक बायोफार्मा कंपनी है, जो अमेरिकी बाजार के लिए हैदराबाद स्थित बायोटेक के साथ कोवैक्सीन बनाने का काम कर रही है।

भारत बायोटेक वर्तमान में कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल्स कर रहा है और जुलाई में इससे संबंधित डेटा को सार्वजनिक कर दिया जाएगा। इसके बाद कंपनी कोरोना वैक्सीन के संपूर्ण लाइसेंस के लिए आवेदन करेगी। चौथे चरण का ट्रायल में वैक्सीन के प्रभाव को चेक किय़ा जाएगा।

इससे पहले गुरुवार को ऑक्यूजेन की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया था कि यह कोवैक्सीन के लिए एक बायोलॉजिक्स लाइसेंस एप्लीकेशन (बीएलए) जमा करने का प्रयास करेगा। बीएलए का अर्थ है किसी भी दवाई और वैक्सीन को एफडीए की ओर से पूर्ण रूप से मंजूरी मिलना।

ओक्यूजेन कंपनी के सीईओ डॉ शंकर मुसुनूरी ने कहा कि हम अपने ईयूए आवेदन को अंतिम रूप देकर जमा कराने के करीब पहुंच गए हैं। हमें एफडीए की ओर से बीएलए का रास्ता साफ करने की सिफारिश की गई है जबकि यह हमारी समय सीमा का विस्तार करेगा। उन्होंने कहा कि हम कोवैक्सीन को अमेरिका में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस वैक्सीन में कोरोना के डेल्टा वेरिएंट सहित अन्य वेरिएंट्स से लड़ने की क्षमता है।

उल्लेखनीय है कि ओक्यूजेन की ओर से हाल ही में घोषणा की गई थी कि कंपनी ने कनाडा में कोवैक्सिन का व्यावसायीकरण करने के लिए विशेष अधिकार प्राप्त किए हैं और नियामक अनुमोदन के लिए हेल्थ कनाडा के साथ भी बातचीत शुरू की है।

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