
Varanasi: वाराणसी (यूपी) में गुरुवार को आंध्रप्रदेश के रहने वाले पति-पत्नी और उनके दो बेटों ने एक धर्मशाला में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। चारों लोगों का शव फंदे से लटका मिला।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी के रहने वाले थे और बीते 3 दिसंबर को काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी आए थे। इन सभी की आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है। घटना दशाश्मेध थाना क्षेत्र के देवनाथपुरा इलाके की है।

बताया जा रहा कि आंध्रप्रदेश के ईस्ट गोदावरी के रहने वाले 50 साल के कोंड अपनी पत्नी लावणिया और दोनों बेटों राजेश और जय राज के साथ तीन दिसंबर को वाराणसी आए थे। सभी लोग वाराणसी स्थित आंध्रा आश्रम के काशी भवन की तीसरी मंजिल पर रुके थे। गुरुवार को सभी को निकलना था।
पूरे परिवार ने बुधवार की रात को चेकआउट कर लिया था। गुरुवार की शाम को काशी भवन का स्टाफ ऊपर गया तो कमरे का नजारा देख दंग रह गया। कमरे में चार लोगों के शव फंदे से लटक रहे थे। इसके बाद स्टाफ ने तुरंत मैनेजर को सूचना दी। मैनेजर पुलिस को पूरी बात बताई। मौके पर पहुंची पुलिस ने चारों के शवों को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पैसे की तंगी के चलते दो महीने से भटक रहा था परिवार आंध्रप्रदेश के जिस परिवार ने वाराणसी में फांसी लगाकर आत्महत्या की है, पुलिस को उसके पास से एक सुसाइड भी मिला है।
सुसाइड नोट तेलगु भाषा में लिखा था। पुलिस ने सुसाइड नोट की भाषा को पढ़ाया तो पता चला कि परिवार पैसों की तंगी के चलते दो महीने से इधर-उधर भटक रहा था। पुलिस के अनुसार आंध्र प्रदेश में पैसों को लेकर इस परिवार का किसी से विवाद चल रहा था।
इसी के चलते पूरा परिवार आंध्रप्रदेश छोड़कर दूसरे राज्यों में मारा-मारा फिर रहा था। पिछले दो महीनों में ये पूरा परिवार कई जगह रुक चुका था। गुरुवार को दंपति के पास पैसे खत्म हो गए थे, इसलिए उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी के शवों को फंदे से नीचे उतार पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।



