
कानपुर: प्रदेश सरकार की बुजुर्गों के लिए चलाई जा रही ‘सवेरा योजना’ का बड़ा असर कानपुर में देखने को मिला है। यहां पर एक बुजुर्ग दम्पति को कलयुगी बेटे-बहू ने उनके ही घर से निकाल दिया था। इस मामले की जानकारी पर पुलिस आयुक्त ने न सिर्फ बुजुर्ग दम्पति को उनका हक दिलाया बल्कि बेटे-बहू के खिलाफ कानून कार्यवाही करते हुए जेल भेज दिया। पुलिस आयुक्त द्वारा बुजुर्गों के जीवन में उजाला भरने की काफी चर्चा हो रही है।

कानपुर पुलिस कमिश्नर असीम अरुण की छवि एक सख्त अफसर के रूप में जानी जाती है। लेकिन इस बार कानपुर के पुलिस कमिश्नर का नये कार्य की चर्चा पूरे शहर में है। इसका उदाहरण कानपुर में उस वक्त देखने को मिला जब जनपद के चकेरी इलाके के जेके कालोनी निवासी बुजुर्ग अनिल कुमार शर्मा को उनकी पत्नी समेत उनके ही बेटे-बहू ने घर से निकाल दिया। बुजुर्ग दम्पति को घर से निकालने की शिकायत जब पुलिस आयुक्त को मिली तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बुजुर्गों के लिए उनके अधिकार के लिए चलाई जा रही ‘सवेरा योजना’ के तहत उनका अधिकार दिलाए जाने की कार्यवाही शुरू की और उन्हें घर से बाहर निकालने वाले बेटे-बहू को सबक सिखाया।
पुलिस आयुक्त खुद लेकर पहुंचे घर

आरोप है कि बेटे और बहू ने अपने बूढ़े मां-बाप को विवाद के बाद मारपीट कर घर से निकाल दिया था। थाने और चौकी में चक्कर लगाकर परेशान हुए बुजुर्ग दम्पति ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। जिस पर वह खुद बुजुर्ग दम्पति को लेकर उनके घर पहुंचे। जहां उन्होंने बुजुर्ग दम्पति को उनके घर पहुंचाया और मारपीट करने के आरोप के चलते उन्होंने बेटे और बहू को गिरफ्तार करा कर शांतिभंग की कार्रवाई कराई। इतना ही नहीं उन्होंने बुजुर्ग दम्पति की सुरक्षा के लिए उनके घर पर फोर्स भी तैनात की है।
कमरों के ताले खुलवाकर दिलाया अधिकार
बुजुर्ग दम्पति को पीटकर घर से निकालने के बाद बेटे और बहू ने उनका सामान समेट कर कमरों में अपने ताले डाल दिए थे। पुलिस कमिश्नर जब घर के अंदर बुजुर्ग दम्पति संग पहुंचे, तो कमरे में ताले बंद देखें। पूछने पर बुजुर्ग दम्पति ने उन्हीं के कमरे होने की जानकारी दी। इस पर उन्होंने बहू से दोनों कमरों के ताले खुलवाये। वहीं उन्होंने बुजुर्ग दम्पति को घर में रहने की बात कहते हुए अपना नम्बर दिया और दोबारा परेशानी होने पर तत्काल सूचना देने की बात कही है।
बता दें कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुजुर्गों के लिए अपनों द्वारा घर से निकालने वालों के खिलाफ ‘सवेरा योजना’ के तहत उनका अधिकार दिलाए जाने की शुरूआत की थी। इस योजना का कानपुर कमिश्नरेट में बेहतरी से लागू कराते हुए बुजुर्गों का सम्मान व अधिकार दिलाने के लिए पुलिस आयुक्त असीम अरुण बखूबी भूमिका अदा कर रहे हैं, इसको लेकर उनकी काफी सराहना की जा रही है। उन्होंने बुजुर्गों को घर से निकालने वाले बहू-बेटे के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए तीन की न्यायिक हिरासत में भेजकर ऐसा करने वालों के खिलाफ एक नजीर पेश की है।
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