
लखनऊ: सोमवार को शाहजहांपुर शहर के चौक कोतवाली क्षेत्र के कच्चा कटरा मोहल्ले में उस वक़्त सनसनी फ़ैल गयी जब एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव कमरे में फंदे से लटके बरामद हुए।

कटरा मोहल्ले में दवा कारोबारी ने अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ फंदे से लटककर जान दे दी। पड़ोसी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सुसाइड नोट भी बरामद किया है। सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी और कर्ज के कारण आत्महत्या करने की बात लिखी है।

मूलरूप से बरेली के फरीदपुर कस्बे के ऊंचा मोहल्ले के रहने वाले अखिलेश गुप्ता (42) पिछले सात-आठ साल से शाहजहांपुर के कच्चा कटरा मोहल्ले में रह रहे थे। उनका लक्ष्मी नारायण मेडिकल एजेंसी के नाम से थोक दवाओं का काम था। बताया जा रहा कि रविवार को सूदखोर घर पर आकर अखिलेश को धमका कर गया था। इसके बाद से ही पूरे परिवार को किसी ने बाहर नहीं देखा। सोमवार को 11:30 बजे के करीब अखिलेश के घर दूधिया दूध देने के लिए आया था। दूध लेकर पत्नी रिशू अंदर गईं। फिर दरवाजे को बंद कर दिया गया।
सोमवार दोपहर करीब एक बजे मोहल्ले का रहने वाला अखिलेश का दोस्त सुशील कॉल न उठने पर घर आ गया। मुख्य दरवाजा खटखटाया तो वह खुला मिला। गेट के आगे रखे स्टूल को हटाकर सुशील अंदर घुस गये। कई आवाज देने पर कोई बाहर नहीं आया तो वह घर की दूसरी मंजिल पर पहुंचे। यहां का दृश्य देखकर सुशील के होश उड़ गए। लॉबी में अखिलेश और रेशू के शव छत पर पड़े जाल से बंधी रस्सी से लटक रहे थे। कमरे में दोनों बच्चे शिवांग (12) और अभिजीता (छह) के शव फंदे से लटक रहे थे। बेटा शिवांग का शव कमरे के रोशनदान से लटका हुआ था जबकि बेटी अभिजीता का शव चौखट से लटका हुआ था। सुशील ने तुरंत डायल-112 में फोन कर सूचना दी।
सूचना मिलने पर एसपी एस आनंद, एसपी ग्रामीण संजीव कुमार वाजपेयी समेत पुलिसबल मौके पर पहुंचे। एसपी एस आनंद ने बताया कि तीन सुसाइड नोट मिले हैं। सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी और कर्जे से परेशान होकर आत्महत्या की बात लिखी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों को सूचना दे दी गई है।


