New Delhi: पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले की जांच कर रही लोकसभा की एथिक्स कमेटी के चेयरमैन विनोद सोनकर (Lok Sabha Ethics Committee Chairman Vinod Sonkar) ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कमेटी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और आईटी मंत्रालय को पत्र लिखकर इस मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी मांगी है।

गुरुवार को हुई कमेटी की पहली बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए विनोद सोनकर ने यह भी बताया कि जिन दो लोगों, निशिकांत दुबे और एडवोकेट जय अनंत देहाद्राई, को समन किया गया था, उन दोनों लोगों ने आज कमेटी के सामने पेश होकर अपनी बातें कहीं।

कमेटी के सदस्यों ने इन दोनों की बातों को ध्यान से सुना और मामले की गंभीरता को देखते हुए यह तय किया कि महुआ मोइत्रा को 31 अक्टूबर को बुलाकर उनके पक्ष को भी सुना जाए।
इससे पहले गुरुवार को महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकसभा स्पीकर से शिकायत करने वाले निशिकांत दुबे और एडवोकेट जय अनंत देहाद्राई ने विनोद सोनकर की अध्यक्षता वाली एथिक्स कमेटी के सामने पेश होकर महुआ मोइत्रा के खिलाफ अपना बयान दर्ज करवाया और सारे तथ्यों को कमेटी के सामने रखा। (IANS)



