Chennai: तमिलनाडु में जो महिलाएं अपना व्यापार शुरू करना या उसे बढ़ाना चाहती हैं, वे राज्य की एक नई स्कीम के तहत 10 लाख से लेकर 5 करोड़ रुपये तक के लोन के लिए आवेदन कर सकती हैं। इस योजना का मकसद महिलाओं को बैंकों या वित्तीय संस्थानों से मिलने वाली आर्थिक मदद तक पहुंच बेहतर बनाना है।

सरकार ने विधायकों से ‘वेट्री मगालीर तोझिलमुनैवोर मेम्बट्टू थिट्टम’ के लिए राज्य के सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में से हर एक में 10 संभावित महिला उद्यमियों की पहचान करने को कहा है। इससे संभावित आवेदकों का शुरुआती समूह 2,340 का हो सकता है।

ये लोन तमिलनाडु इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (टीआईआईसी) के जरिए दिए जाएंगे। इन पर सालाना 9.95 प्रतिशत की ब्याज दर लगेगी (जो घटते हुए बैलेंस पर कैलकुलेट की जाएगी) और लोन लेने वालों को इसे चुकाने के लिए नौ साल तक का समय मिलेगा।
विधायकों से कहा गया है कि वे अपने विधानसभा क्षेत्रों में ऐसी महिलाओं की पहचान करें जिनमें कोई कारोबार शुरू करने की क्षमता हो और जो फाइनेंस (पूंजी) लेने में दिलचस्पी रखती हों। वे जांच-पड़ताल के लिए संभावित आवेदकों की प्रोफाइल इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट को सौंपेंगे।
इसके बाद अधिकारी इस योजना के तहत मदद के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने से पहले उनकी पात्रता और अन्य शर्तों का आकलन करेंगे। इस पहचान प्रक्रिया का मकसद पूरे तमिलनाडु से आवेदकों को शामिल करना है, जिसमें बड़े शहरों और स्थापित औद्योगिक केंद्रों के बाहर के इलाके भी शामिल हैं।
सिर्फ विधायक की तरफ से नाम भेजे जाने से ही किसी महिला को लोन नहीं मिल जाएगा। इंडस्ट्रीज और इन्वेस्टमेंट प्रमोशन मंत्री एस. कीर्तना ने कहा कि जो महिलाएं अपने बिजनेस प्लान को असल में बिजनेस में बदलना चाहती हैं, उनके लिए अक्सर पैसे की कमी एक बड़ी रुकावट होती है।
उन्होंने एक प्रेस रिलीज में कहा कि कई महिलाओं में अपना बिजनेस शुरू करने की चाहत और काबिलियत तो थी लेकिन उन्हें शुरू करने के लिए जरूरी पैसे जुटाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।
कीर्तना ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ लोन देना नहीं है। वह चाहती है कि महिलाओं को एंटरप्रेन्योरशिप का रास्ता मिले, वे नौकरियां पैदा करें और राज्य की इकॉनमी में योगदान दें।
हर विधानसभा क्षेत्र में संभावित आवेदकों तक पहुंचना इसी कोशिश का हिस्सा था। इस स्कीम में वे महिलाएं भी शामिल हैं, जो पहले से ही कोई व्यापार चला रही हैं और उसे बढ़ाना चाहती हैं।
जो आवेदक बिजनेस बढ़ाने के लिए पैसे चाहती हैं, लोन की रकम तय होने से पहले उनके प्रस्तावों की भी जांच-पड़ताल की जाएगी। चुनी गई हर महिला को मिलने वाले लोन की रकम उसके प्रस्ताव के मूल्यांकन और लोन देने के तय नियमों पर निर्भर करेगी।
सरकार ने अपनी घोषणा में यह नहीं बताया है कि विधायक को नाम कब तक जमा करने हैं या चुनी गई महिलाओं को लोन मंजूर होने की उम्मीद कब तक करनी चाहिए।
(IANS)



