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सामूहिक अवकाश पर जाएंगे 2500 सहायक पुलिसकर्मी, हेमंत सरकार पर अनदेखी का आरोप 

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चाईबासा (झारखंड)

रघुवर सरकार में बहाल किये गये 2500 सहायक पुलिसकर्मी 7 सितम्बर से सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे. इनका आरोप है कि हेमंत सरकार उनकी अनदेखी कर रही है. रघुवर सरकार के दौरान किये गये वादे को पूरा नहीं कर रही है. वहीं, जेएमएम विधायक ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाना का भरोसा सहायक पुलिसकर्मियों को दिया है.

रघुवर सरकार में सहायक पुलिसकर्मी और होमगार्ड की नियुक्ति हुई थी. नियुक्ति के समय इन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि तीन साल पूरा होने पर पुलिस जवानों की तरह उन्हें स्थायी कर दिया जायेगा और वेतन भी दिया जाएगा. लेकिन सहायक पुलिसकर्मी का कहना है कि तीन साल पूरा होने पर उन्हें सुविधा देने में वर्तमान सरकार आनाकानी कर रही है. जिससे सहायक पुलिसकर्मी आंदोलन के लिए मजबूर हैं. 

सहायक पुलिसकर्मियों ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर फिलहाल चार से छह सितंबर तक काला बिल्ला लगा कर ड्यूटी कर रहे हैं. सात से 14 सितम्बर तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे. फिर 16 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. राज्य के 12 जिलों के 2500 सहायक पुलिसकर्मी फिलहाल हड़ताल पर हैं. सहायक पुलिसकर्मी क्षेत्र के विधायक, सांसद, मंत्री और अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मदद की अपील कर रहे हैं. होमगार्ड जवानों की भी यही स्थिति है. रघुवर सरकार में बहाल किये गये होमगार्ड जवान को वर्तमान सरकार में इन्हें ड्यूटी नहीं दी जा रही. इसलिए वेतन भी नहीं मिल रहा है. जिससे इनके समक्ष भी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. 

सहायक पुलिसकर्मियों और होमगार्ड जवानों का कहना है कि अगर सरकार उन्हें हटा देती हैं तो उनके लिए अपने घर-गांव में रहना मुश्किल हो जाएगा. 

वहीं, जेएमएम विधायक दीपक विरूआ ने कहा है कि सरकार के संज्ञान में ये मुद्दा है. बावजूद इसके विधानसभा के मानसून सत्र में सहायक पुलिसकर्मी और होमगार्ड के मुद्दे उठाएंगे. झामुमो विधायक ने कहा कि ये काफी गंभीर मुद्दा है. सहायक पुलिसकर्मी और होमगार्ड को न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे.


त्रिदेव

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