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‘दीन बचाओ-देश बचाओ’ कांफ्रेंस

रिपोर्ट: शबिस्ता आज़ाद 

पटना:

बिहार की राजधानी पटना में इमारत ए शरिया और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने संयुक्त रूप से कांफ्रेंस का आयोजन किया. दीन बचाओ, देश बचाओ के नाम से आयोजित कांफ्रेंस में न सिर्फ बिहार राज्य के बल्कि दूर-दराज़ से भी मुस्लिम उलेमाओं और समुदाय के लाखों लोगों ने शिरकत की. 

पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित दीन बचाओ, देश बचाओ कांफ्रेंस में लाखों की तादाद में लोग जुटे. अहले सुबह से ही लोग यहाँ जुटने लगे थे. हाल के कुछ सालों में गांधी मैदान में हुए रैलियों में इस रैली में रिकॉर्ड भीड़ थी. 

रैली

कांफ्रेंस के ज़रिये दीन को बचाने का सन्देश दिया गया. कहा गया कि जैसे अलग-अलग कौम के लोगों को संविधान के मुताबिक जो रीति-रिवाज मानने का हक़ मिला है. वह कायम रहे और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ ना हो. कांफ्रेंस के ज़रिये तीन तलाक पर एक राय बनाने की कोशिश वक्ताओं ने की. सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने की मांग भी सरकार से कांफ्रेंस के ज़रिये की गयी. 

कांफ्रेंस में न सिर्फ कौमी बातें बल्कि वतन परस्ती भी दिखी. मुस्लिम समुदाय के लोग हाथों में तिरंगा लिए हिंदुस्तान ज़िदाबाद के नारे भी लगाते नज़र आये. हालाँकि ये सम्मेलन गैर राजनीतिक था, लेकिन कई दल के नेता भी अपना चेहरा दिखाने पहुंचे थे. कांफ्रेंस के जरिए मुस्लिमों ने अपनी एकजुटता और ताकत दिखाने की कोशिश भी की. कहा गया कि जो कोई राजनीतिक दल हमारे हितों की रक्षा करेगा यह समुदाय उसके साथ जाएगा. 

रैली

►मौके पर मौजूद उलेमाओं ने कहा कि 5 लाख मुस्लिम महिलाओं ने हस्ताक्षर कर केंद्र को सौंपा फिर भी तीन तलाक बिल को लाकर सारी मसाइल के हल निकालने का दावा किया जा रहा. हमे दीन और देश दोनों को बचाना है.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा कि हमने चार साल इंतजार किया और सोचा कि भाजपा संविधान के तहत देश चलाना सीख लेगी. उन्होंने कहा कि मुसलमानों के पर्सनल लॉ पर हमला किया जा रहा है. हमें अपने लोगों और वतनवासियों को बताना पड़ रहा है कि देश के साथ-साथ इस्लाम पर भी खतरा है.

रैली में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमारे धर्म और शरीयत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि हम सभी लोग शरीयत में हस्तक्षेप के हर प्रयास की निंदा करते हैं.  सरकार से हमारी मांग है कि समाज में समानता कायम करने की कोशिश करे.

रैली में शामिल नौजवानों ने कहा कि हम अल्लाह के दीन की हिफ़ाज़त के लिये निकले हैं. यह अल्लाह के लिए है, यह इस्लाम के लिये है,यह देश की एकता,अखंडता,को बनाये रखने के लिये है. 

रैली 3

गौरतलब है कि बिहार की राजनीति में धर्म की हमेशा से अहम भूमिका रही है. यही वजह है कि यहाँ धर्म और राजनीति साथ-साथ चलती रहती है. रैली के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने एकजुटता दिखाने की कोशिश की है.

वहीं कांफ्रेंस को लेकर प्रशासन भी अलर्ट दिखी. बिस्कोमान भवन से गांधी मैदान की मॉनिटरिंग हो रही थी. सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था की गयी थी. रैली में आये लोगों के लिए तमाम तरह के इंतजाम किये गये थे. 

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