
Deoghar : देवघर का बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां की परंपरा व मान्यता इसे अन्य ज्योतिर्लिंगों से अलग बनी है। यहां हर रोज शाम के वक्त बाबा बैद्यनाथ की श्रृंगार पूजा की जाती है।

इस दौरान फूल-बेलपत्र से बने पुष्प नाग मुकुट से बाबा का श्रृंगार किया जाता है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रृंगार पूजा के लिए साल के 365 दिन केंद्रीय कारा देवघर से श्रृंगार मुकुट जाने की परंपरा देश आज़ादी से पूर्व की रही है।

जिसे केंद्रीय कारा के बंदियों द्वारा ही बनाया जाता है। हर वर्ष श्रावणी पूर्णिमा के दिन 2 श्रृंगार मुकुट बनाकर एक बाबा मंदिर और एक बाबा बासुकीनाथ मंदिर श्रृंगार पूजा के लिए भेजने की परंपरा रही है।
इसी को लेकर 19 अगस्त श्रावणी पूर्णिमा के दिन संध्या 5 बजे एक श्रृंगार मुकुट बाबा बासुकीनाथ भेजा जायेगा।
इस आयोजन के तहत केंद्रीय कारा देवघर में 18 अगस्त से दिनांक 19 अगस्त तक (48 घंटे) श्रावण पूर्णिमा को चलने वाले बाबा बैद्यनाथ की आराधना और अखंड हरिनाम संकीर्तन का शुभारम्भ सुबह 9 बजे से प्रारम्भ हो गया।
इस कार्यक्रम के दौरान दिनांक 18 अगस्त को सुबह 9 बजे बाबा कक्ष में संकीर्तन प्रारम्भ होकर 19 कि सुबह 9 बजे संकीर्तन का समापन होगा।

तत्पश्चात 19 अगस्त को सुबह 10 बजे बाबा श्रृंगार मंदिर में संकीर्त्तन प्रारंभ होकर 20 अगस्त को सुबह संकीर्तन का समापन होगा। इस क्रम में 19 अगस्त (सोमवार) की संध्या 05 बजे बाबा बासुकीनाथ के लिए श्रृंगार मुकुट को प्रस्थान किया जायेगा ।
उसके बाद प्रसाद का वितरण किया जायेगा। यह जानकारी सत्येंद्र चौधरी, अध्यक्ष, बाबा श्रृंगार समिति सह अधीक्षक, केंद्रीय कारा, देवघर ने दी है।


