
BHUBANESWAR/PURI: ओडिशा में कोविड प्रतिबंध के बीच महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली (Jagannath Rath Yatra) जाएगी। पिछले साल की तरह इस साल भी केवल सेवक ही रथ खींचेंगे। यह निर्णय शनिवार को हुई छत्तीसा निजोग की बैठक में लिया गया है।

पुरी जगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रशासक किशन कुमार ने मीडिया को जानकारी दी है कि महाप्रभु के रथ को मंदिर या जिला प्रशासन के अधिकारी नहीं खींचेगे। रथयात्रा में संपृक्त सेवक व अधिकारियों का कोविड टेस्ट (Covid Test) किया जाएगा। रथयात्रा के समय तेज धूप होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए बड़दांड में विश्राम करने की व्यवस्था बनाई जाएगी। सेवकों को मास्क व सैनिटाइजर दिया जाएगा। रथ खींचते समय सेवकों को मोबाइल फोन व कैमरा अपने पास नहीं रखना होगा। रथयात्रा के समय सेवक फोटो नहीं खींच सकेंगे।

अब धीरे-धीरे महाप्रभु अब स्वस्थ हो रहे है। नौ जुलाई को महाप्रभु का नेत्रोत्सव के साथ नवयौवन दर्शन होगा। 10 व 11 जुलाई को दो दिन उभा यात्रा के बाद 12 जुलाई को विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा निकाली जाएगी। बुखार से पीड़ित श्री विग्रह को ठीक करने के लिए ओष लागी नीति का रविवार आखिरी दिन है। वहीं, तीनों रथों का निर्माण कार्य भी लगभग खत्म हो गया है। कोरोना संकट के बीच रथयात्रा की तैयारी पिछले काफी समय से चल रही है।
वहीं दूसरी तरफ बिना भक्तों के ही रथयात्रा होने को लेकर पुरी जिला पुलिस मुस्तैद हो गई है। स्नान यात्रा की ही तरह घोषयात्रा में भी प्रतिबंध को सख्ती के साथ लागू किया जाएगा। रथयात्रा के लिए पुरी शहर को 12 जोन में व बड़दांड को तीन जोन मे विभक्त किए जाने की जानकारी पुरी के एसपी कुंवर विशाल सिंह ने दी है। इसके साथ ही करीबन 70 प्लाटून पुलिस बल इस दौरान तैनात की जाएगी। रथयात्रा की पूर्व रात्रि से शहर के सभी प्रवेश मार्ग को सील कर दिया जायेगा।


