दुमका।

दुमका जिले की पुलिस ने एसएसबी के 35वीं बटालियन के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए विधानसभा उपचुनाव के दौरान बड़ी घटना को अंजाम देने वाले नक्सलियों के नापाक मंसूबे को नाकाम कर दिया है.

मंगलवार की सुबह दुमका पुलिस को जानकारी मिली कि नक्सलियों ने हथियार और गोलाबारूद छिपा रखा है, जिसका उपयोग वे विधानसभा उपचुनाव के दौरान कर सकते हैं. सूचना को गंभीरता से लेते हुए दुमका पुलिस अधीक्षक अंबर लकड़ा और एसएसबी 35वीं बटालियन के कमांडेंट मनोरंजन कुमार पांडेय के निर्देश पर संयुक्त अभियान चलाया गया, अभियान में मसलिया प्रखंड के सुपायडीह के नजदीक जंगल से टीम को भारी मात्रा में हथियार, गोलाबारूद और विस्फोटक की बरामदगी हुई है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक 0.315 रायफल, उसके 10 जिंदा कारतूस, 50 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर और 79 नियो जेल जिलेटिन बरामद किया है.
बता दें कि तीन नवंबर को दुमका में विधानसभा उपचुनाव को लेकर मतदान होना है. एसपी अंबर लकड़ा ने पत्रकारों को बताया कि चुनाव के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. चुनाव से पूर्व इस सफलता के बाद भी अभियान जारी रहेगा. वहीं, एसएसबी के द्वितीय कमान अधिकारी सतीश कुमार ने कहा कि नक्सलियों का दस्ता यहां कमजोर पड़ चुका है, जो फिर से उभरने की तैयारी कर रहा है. ऐसी कार्रवाई सतत चलती रहेगी.

जानकारी हो कि दुमका में 2009 और 2014 के चुनावों के दौरान नक्सलियों ने बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया था. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सलियों ने चुनाव कराने के बाद लौट रही पोलिंग पार्टी को शिकारीपाड़ा के राजबांध-पलासी में निशाना बनाया था और लैंडमाइन्स विस्फोट कर बस को उड़ा दिया था, जिसमें 5 पुलिसकर्मियों समेत 8 लोगों की जान चली गयी थी. नक्सलियों ने हथियार भी लूट लिया था. वहीं, 2009 के चुनाव में इसी थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने बीएसएफ के दो जवानों की हत्या कर उनके इंसास लूट लिए थे. वहीं, इसी साल काठीकुंड में पोलिंग पार्टी में हमला कर चौकीदार की हत्या कर दी थी और उसका रायफल लूट लिया गया था.



