रांची।

पूर्व मंत्री रणधीर सिंह और नवीन जायसवाल को हाई कोर्ट से झटका लगा है। आवास आवंटन के मामले में हाई कोर्ट ने दोनों की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने दो सप्ताह में आवास खाली करने का आदेश दिया है। साथ ही राज्य सरकार को मंत्री और विधायकों के लिए आवास आवंटन को लेकर नियम बनाने का आदेश भी कोर्ट ने दिया है।

बता दें कि दो महीने पहले भवन निर्माण विभाग ने रघुवर सरकार में मंत्री-विधायक रहे कई नेताओं को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया था। इसमें अमर बाउरी, नवीन जायसवाल और रणधीर सिंह आदि नेता शामिल हैं।

नोटिस मिलने पर इन नेताओं ने कहा था कि हेमंत सरकार को अपनी ताकत पर अहंकार हो गया है। नवीन जायसवाल और रणधीर सिंह ने आवास खाली करने को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि कोरोना संक्रमण के दौरान उनसे आवास खाली करने के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता है। केंद्र सरकार ने इस संबंध में नियम भी जारी किया है। राज्य सरकार ने भी इस नियम को लागू किया है, लेकिन सरकार के विभाग ही इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं।
इससे पूर्व फरवरी में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और सुदेश महतो आदि नेता को आवास खाली करने के लिए नोटिस भेजा गया था। विधानसभा सचिवालय ने तमाम पूर्व विधायकों को तत्काल आवास खाली करने का नोटिस दिया था। आवास की किल्लत के कारण कई विधायकों को निजी आवास में रहना पड़ रहा था। विधानसभा सचिवालय ने 31 पूर्व विधायकों को आवास खाली करने को कहा था। इससे पहले मई महीने में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के आप्त सचिव रहे अंजन सरकार के सरकारी आवास को जबरन खाली करवा लिया गया था।



