
Deoghar: शिव के भक्त भी निराले हैं। शिव की आस्था में लीन भक्त सारे कष्ट भूल शिव की ओर खींचे चले आते हैं। शिव की एक ऐसी ही भक्त हैं निर्मला देवी। जिनपर न उम्र का असर है न बारिश, धुप और पैर के छालों का। बस मन में शिव। यही वजह है कि 42 सालों से निर्मला कांवर यात्रा कर बाबा बैद्यनाथधाम पहुँच रही हैं।

लखीसराय जिले के बड़हिया थाना क्षेत्र के बहादपुर गांव की रहने वाली 75 वर्षीय निर्मला देवी 42 वर्षों से पैदल कांवर यात्रा कर रही है। निर्मला देवी साल में दो बार वैशाख और सावन माह के प्रत्येक सोमवारी को अकेले पैदल कांवर यात्री करती है। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर निर्मला देवी पैदल कांवर यात्रा कर पहले बाबा बैद्यनाथधाम में जलाभिषेक करती है, उसके बाद पैदल ही बासुकिनाथ पहुंचकर बाबा का जलाभिषेक करती हैं। वापस ट्रेन से वह अपनी घर पहुंच जाती है और शनिवार को फिर सुल्तानगंज में गंगाजल उठा पैदल कांवर यात्रा पर निकल जाती है।

निर्मला देवी बताती हैं कि इस यात्रा में उन्हें कोई शारिरिक कष्ट नहीं होता है। 1976 में शादी के कुछ वर्ष बाद उनकी पति की मृत्यु हो गयी, उस समय उनके एकमात्र बेटे की उम्र दो वर्ष थी। उसके बाद 1980 से कांवर यात्रा शुरू की।
निर्मला ने कहा कि बाबा के आशीर्वाद से उनका परिवार संभल गया। आज एक 22 वर्षीय पोता व एक 20 वर्षीय पोती है। वो कहती हैं कि बाबा की भक्ति में अगर भक्त लीन हो जाये तो सारी मुश्किलों का हल निकल जाती है।



