Deoghar : त्रिपुरा के नॉर्थ बदरघाट निवासी 42 वर्षीय राजीब धर के देवघर में अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। उनकी पत्नी अरुंधति दास (धर) ने पति के लापता होने को लेकर नगर थाना में मामला दर्ज कराया है। साथ ही अज्ञात लोगों द्वारा अपहरण अथवा गलत तरीके से बंधक बनाए जाने की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, राजीब धर अपनी पत्नी के साथ निजी, धार्मिक एवं इलाज के उद्देश्य से देवघर आए थे। दोनों 23 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे देवघर ठाकुरबाड़ी स्थित आश्रम पहुंचे थे और अनुकूल आश्रम में ठहरे थे। इसके बाद 24 जुलाई से राजीब धर का कोई पता नहीं चल रहा है। पत्नी के अनुसार, 24 जुलाई की रात करीब 9 बजे पति से अंतिम बार बातचीत हुई थी। इसके बाद वह जिस कमरे में ठहरे थे, वहां से चले गए और वापस नहीं लौटे।

पत्नी ने बताया कि पति की तलाश के लिए उनके मोबाइल फोन पर लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया। इसके अलावा रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से भी जानकारी ली गयी, लेकिन उनके संबंध में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी। स्थानीय पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गयी थी।
अनुकूल आश्रम में अंतिम बार देखे गए थे राजीब
शिकायत में बताया गया है कि राजीब धर 21 जुलाई को अपने घर से निकले थे और 24 जुलाई को अनुकूल आश्रम, देवघर में उनसे अंतिम संपर्क हुआ था। वह करीब एक दिन वहां ठहरे थे। उनके कपड़ों में सफेद-काला टी-शर्ट और नीले रंग की जींस शामिल है।
पहचान के लिए चेहरे के बाएं हिस्से में हल्की चोट का निशान बताया गया है। यात्रा के संबंध में शिकायत में गरीब रथ एक्सप्रेस का उल्लेख किया गया है। पत्नी ने पुलिस से राजीब धर के लापता होने एवं संदिग्ध अपहरण के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की गहन जांच करने, उनके अंतिम ज्ञात स्थान एवं गतिविधियों का पता लगाने तथा उन्हें सुरक्षित बरामद करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को पति की हाल की तस्वीर, मोबाइल नंबर तथा जांच में आवश्यक अन्य जानकारी उपलब्ध कराने की बात भी कही है।



