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निशिकांत के ट्वीट हमले से तिलमिलाई झामुमो, चुनाव आयोग और केंद्रीय जाँच एजेंसियों को हड़काया, पूछा निशिकांत को एजेंसियों की अंदरुनी बातें कैसे पता चल जाती है?

Written By: Krishna Bihari Mishra

झारखण्ड के एक भाजपा सांसद निशिकांत दूबे (BJP MP Nishikant Dubey) ने ऐसा लगता है कि झारखण्ड मुक्ति मोर्चा की नींद उड़ा दी हैं, क्योंकि आज झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (Jharkhand Mukti Morcha) के सुप्रियो भट्टाचार्य ने जो रांची में प्रेस कांफ्रेस की, वो प्रेस कांफ्रेस डा. निशिकांत दूबे को ही समर्पित था। दरअसल इन दिनों भाजपा सांसद निशिकांत दूबे हेमन्त सरकार के खिलाफ एक से एक ट्विट कर रहे हैं, जिस ट्विट को देख और पढ़, पार्टी और सरकार दोनों तिलमिला उठी है।

खुद सुप्रियो भट्टाचार्य ने निशिकांत दूबे के दो ट्विट के नाम लिये। पहला ट्विट जिसमें निशिकांत दूबे ने तीसरा विकेट गिराने की बात की है। वो ट्विट है “झारखण्ड माल मुद्रा पार्टी यानी जेएमएम का तीसरा विकेट भी गिरने की तैयारी में, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन जी व उनके भाई वसंत सोरेन जी के माइनिंग लीज में सदस्यता खत्म होने के साथ ही अब चुनाव आयोग ने मंत्री मिथिलेश ठाकुर जी की भी सदस्यता खत्म करने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है।”

दूसरा टिव्ट है – “लगता है कि झारखण्ड में कुछ तूफान आनेवाला है।” इन दोनों ट्विटों से तिलमिलाई झामुमो के केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य का कहना था कि चुनाव आयोग या केन्द्रीय जांच एजेंसिया क्या निर्णय लेगी, उसकी फैक्ट फाइन्डिंग निशिकांत दूबे को कैसे पता लग जाता है। सुप्रियो ने चुनाव आयोग व एजेंसियों को एक तरह से धमकी देते हुए तथा उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे इस मामले का स्वतः संज्ञान लें, आखिर एक सांसद को इस बात का पता कैसे चल जाता है कि अब आगे क्या होनेवाला है?

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जिस प्रकार से देश की एजेंसियों और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर चोट किया जा रहा हैं, उससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती चली जायेगी, साथ ही संघीय व्यवस्था भी चरमरायेगी, भाजपा को उन्होंने इसके लिए बंगाल की राजनीतिक व्यवस्था देखने को कहा, जहां उसके केन्द्रीय मंत्री, सांसद और विधायक तक पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का सहारा ले रहे हैं।

सुप्रियो ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि निशिकांत दूबे को किसी के व्हाट्सएप्प में हो रही वार्ता तथा टेक्सट तक कैसे पता चल जा रहा है, इसका मतलब क्या है, साफ है कि कही न कही केन्द्रीय एजेंसियां सांसद को रिपोर्ट कर रही हैं। सुप्रियो ने कहा कि इस प्रकार की जो घटना सामने आ रही हैं, ऐसे में तो सांसद पर कार्रवाई होनी चाहिए।

आखिर कठोतिया माइन्स घोटाला, मोमेंटम झारखण्ड घोटाला पर इनका मुख क्यों नहीं खुलता। आखिर इस पर भाजपा का अधिकारिक बयान कब आयेगा। सुप्रियो ने मीडिया पर भी हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग भी एक स्वर से वही समाचार पढ़ा/दिखा रहे हैं, जो उन्हें कहा जा रहा हैं, सोशल मीडिया पर भी ऐसी ही बात देखने को मिल रही, उन्होंने यह भी कहा कि वो कौन मास्टरमाइन्ड हैं, जो इस प्रकार के काम में लगा हैं, उसे बेनकाब करना बहुत ही जरुरी है।

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