Deoghar News : देवघर-सारवां मुख्य मार्ग पर घोरपरास जंगल के समीप कपड़ा व्यवसायी से 5.60 लाख रुपये की लूट का मामला पुलिस जांच में फर्जी निकला। पुलिस के अनुसार, कर्जदारों से परेशान होकर कुंडा थाना क्षेत्र के बलियाचौकी निवासी कपड़ा व्यवसायी राजेंद्र मंडल ने खुद लूट की कहानी रची थी। शिकायत मिलने के करीब चार घंटे के भीतर पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया।
दो बाइक पर तीन बदमाशों की बतायी थी कहानी

राजेंद्र मंडल ने पुलिस को बताया था कि शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे घोरपरास जंगल से आगे बंद पड़े पेट्रोल पंप के पास दो बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने पिस्तौल के बल पर उससे 5.60 लाख रुपये लूट लिये। उसने बताया था कि अपाची और पल्सर बाइक पर सवार बदमाश वारदात के बाद अलग-अलग दिशा में भाग गये। दो बदमाश देवघर की ओर, जबकि एक सारवां की ओर चला गया।

राजेंद्र के अनुसार, दुर्गापूजा के दौरान दुकान में हुई बिक्री की 5.60 लाख रुपये की रकम लेकर वह घोरपरास स्थित केनरा बैंक में जमा करने जा रहा था। इसी दौरान बदमाशों ने उसे निशाना बनाया।
सीसीटीवी में नहीं मिला घटना का सुराग
लूट की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गयी। सारवां सर्किल के इंस्पेक्टर केडी झा, सारवां थाना प्रभारी संदीप कुमार, कुंडा थाना प्रभारी प्रशांत कुमार और मोहनपुर थाना प्रभारी संदीप कृष्णा घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की।
पुलिस ने रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन बतायी गयी घटना से जुड़ा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने राजेंद्र से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान राजेंद्र ने घटना की पूरी सच्चाई सामने रख दी।
कर्जदारों से बचने के लिए रची लूट की कहानी
एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि राजेंद्र पर काफी कर्ज था और कर्जदार लगातार उसे परेशान कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, उन्हीं से बचने के लिए उसने लूट की झूठी कहानी रची थी। पूछताछ में उसने पुलिस के सामने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस ने राजेंद्र के बयान का वीडियो भी रिकॉर्ड किया है। वीडियो में वह पुलिस के समक्ष मामले को लेकर अपना बयान देता दिखाई दे रहा है। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।



