
Ranchi : झारखंड में 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन को सोमवार शाम को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब राज्य सरकार ने आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग मानते हुए जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने का फैसला किया। सरकार के निर्णय की जानकारी मिलते ही रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्र एक-दूसरे को बधाई देते हुए जश्न मना रहे हैं।

परीक्षा रद्द किए जाने की घोषणा के बाद आंदोलन स्थल का माहौल अचानक बदल गया। लंबे समय से मांगों को लेकर धरना और अनशन कर रहे छात्रों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। कई छात्र खुशी से झूमते नजर आए। आंदोलन स्थल पर छात्रों ने नारेबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के फैसले को अपनी लड़ाई की बड़ी जीत बताया।

उनका कहना था कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर वे पिछले कई दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे थे। बारिश, गर्मी और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद छात्रों ने आंदोलन जारी रखा। छात्र नेताओं ने कहा कि उनकी लड़ाई केवल एक परीक्षा रद्द कराने तक सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में ऐसी व्यवस्था कायम कराना है, जिसमें किसी भी योग्य अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।
उन्होंने कहा कि अब सरकार को भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच भी निष्पक्ष तरीके से पूरी करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एसआईटी और सीआईडी जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विभिन्न एजेंसियों के बीच घालमेल के संकेत भी मिले हैं। सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं की व्यापक जांच कराने की बात कही है। सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में समिति गठित करने का भी निर्णय लिया है। समिति परीक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों का सुझाव देगी। सरकार ने आम लोगों से भी परीक्षा सुधार को लेकर सुझाव मांगे हैं।
आंदोलनकारी छात्रों ने कहा कि जेएसएससी-सीजीएल रद्द करने का फैसला उनके लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उनकी बाकी मांगों पर भी जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में देर शाम तक छात्रों के बीच उत्साह का माहौल बना रहा। आंदोलन स्थल, जो पिछले कई दिनों से विरोध और नारों का केंद्र बना हुआ था, सोमवार को जीत के जश्न का गवाह बना। (IANS)



