
Deoghar: शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एनेस्थीसिया देने में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। इस संबंध में मरीज ने सिविल सर्जन को आवेदन देकर मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा निवासी एवं वर्तमान में जामुई जिले के चकाई में रहने वाले शिक्षक देववंदन शर्मा ने मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, देवघर को आवेदन सौंपा है। आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया है कि 4 जून 2026 को पैर में पहले से लगी रॉड निकलवाने के लिए शहर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए थे।

जहां ऑपरेशन थिएटर में एनेस्थीसिया का उन्हें दो इंजेक्शन दिया गया। एनेस्थीसिया इंजेक्शन दिए जाने के बाद उन्हें गंभीर परेशानी होने लगी। आवेदन के अनुसार, इंजेक्शन देने के बाद उनके शरीर का निचला हिस्सा सुन्न हो गया, जबकि सिर और हाथों में तेज कंपन शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती रही और उन्हें अत्यधिक ठंड महसूस हो रही थी। बाद में उन्हें ऑक्सीजन भी लगाया गया।
लगभग डेढ़ घंटे तक परेशानी झेलने के बाद उन्हें ऑपरेशन थिएटर से बाहर लाया गया। मरीज का आरोप है कि बाद में एक परिचित एमबीबीएस चिकित्सक से चर्चा करने पर उन्हें जानकारी मिली कि स्पाइनल एनेस्थीसिया में सामान्यत: एक ही इंजेक्शन दिया जाता है। इसके बाद उन्होंने अस्पताल कर्मियों से भी इस संबंध में जानकारी ली।
आवेदन में मरीज ने अस्पताल के चिकित्सक एवं एनेस्थीसिया देने वाले कर्मी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।


