
Jamshedpur : जमशेदपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में सोमवार को उस वक्त हंगामा बरपा, जब एक नवजाात शिशु की टीकाकरण (Vaccination) के कुछ ही देर बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मानगो गुरुद्वारा रोड की रहने वाली एक महिला ने दो दिन पहले ही एमजीएम अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। प्रसव के बाद मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। आज सोमवार को परिजन जब बच्चे को नियमित BCG टीकाकरण के लिए अस्पताल लेकर आए थे।

परिजनों का कहना है कि टीका लगने के बाद वे बच्चे को लेकर घर चले गए, लेकिन घर पहुंचते ही अचानक बच्चे के हाथ-पांव कड़े (टाइट) होने लगे और कुछ ही पलों में उसकी मौत हो गयी।
बच्चे की मौत से आक्रोशित माता-पिता और परिजन शव को लेकर दोबारा एमजीएम अस्पताल पहुंचे और वहां विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और दोषी स्वास्थ्य कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
परिजनों का आरोप है कि बच्चे को जो टीका लगाया गया था, वह एक्सपायरी था। उन्होंने मांग की है कि जिस स्वास्थ्य कर्मी या नर्स ने बच्चे को टीका लगाया है, उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल की लापरवाही ने उनके हंसते-खेलते स्वस्थ्य बच्चे की जान ले ली है।
इधर, हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे लोगों को काफी देर बाद शांत कराया जा सका।
डॉक्टरों का कहना है कि BCG टीके से मौत संभव नहीं है। टीकाकरण के बाद मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के बाद ही चल पाएगा।



