
Deoghar: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को देवघर में हेमंत सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की सरकार बनने के बाद संथाल परगना क्षेत्र में घुसपैठियों की गतिविधियां और तेजी से बढ़ सकती हैं। ऐसी स्थिति में झारखंड सरकार को केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करना ही होगा।

निशिकांत दुबे ने कहा कि झारखंड चारों ओर से एनडीए शासित राज्यों से घिरा हुआ है। बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भाजपा या एनडीए की सरकार है। ऐसे में हेमंत सरकार के लिए एनडीए के साथ मिलकर काम करना मजबूरी बन गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह लंबे समय से बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं और इस मुद्दे की गंभीरता को अच्छी तरह समझते हैं। सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि अगर झारखंड सरकार केंद्र का सहयोग नहीं करती है तो राज्य से गिट्टी, बालू और शराब के गैर कानूनी कारोबार पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड से पश्चिम बंगाल और बिहार के रास्ते अवैध तरीके से गिट्टी और बालू की सप्लाई की जाती है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सांसद निशिकांत ने साफ़ कहा कि संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठियों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय जरूरी है। अगर राज्य सरकार सहयोग नहीं करती है तो केंद्र स्तर पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
भाजपा सांसद ने दावा किया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों ने संथाल परगना के कई इलाकों में जमीनों पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा कि इसी कारण क्षेत्र में आदिवासी आबादी का प्रतिशत 45 से घटकर 24 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह सिर्फ सामाजिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। इस पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है। खासकर सीमावर्ती इलाकों में अवैध घुसपैठ और गैर कानूनी गतिविधियों पर सख्ती जरूरी है।


