
Deoghar: देवघर जिले के कोल्हाबाद और राजासर के ग्रामीण बिजली विभाग से खासा नाराज हैं। चार साल से एक पोल और बिजली तार हटाने की फरियाद करते करते ग्रामीण थक चुके हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कनीय एवं सहायक अभियंता से अब गुहार लगाई है।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कनीय एवं सहायक अभियंता को आवेदन देते हुए बताया है कि गाँव में माँ काली मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है,लेकिन मंदिर के ठीक बीचों बीच स्थित बिजली का पोल और लटकते हाई वोल्टेज तार मौत का साया बनकर खड़ा है।

आश्चर्य की बात यह है कि इसके पूर्व पहला आवेदन 28 जून 2022 को दिया गया था। चार साल बीत गए,दफ्तरों के चक्कर काटते काटते ग्रामीण थक गए, लेकिन विभाग सोया रहा। जब ग्रामीणों ने पुनः इस बावत फरवरी 2026 में वही आवेदन रिसीव कराया, तो विभाग के एसडीओ अब सिर्फ “तारीख पर तारीख” दे रहे हैं। जमीन पर कोई काम नहीं हो रहा,बस खोखले आश्वासन मिल रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा है कि,क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? वहीं काली मंदिर निर्माण कार्य में लगे मजदूर और श्रद्धालु हर पल खतरे में हैं। निर्माण स्थल पर 11 हजार बोल्ट के पार की गई विजली के तार की पोल पूरी तरह झुक चुकी है।
ग्रामीणों ने बताया कि माँ काली मंदिर परिसर में सभी ग्रामवासी इस मामले को लेकर भारी संख्या में जुटें और बैठक कर विभाग की इस ढुलमुल नीति के विरोध का निर्णय भी लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है यह लड़ाई हमारी सुरक्षा और आस्था का है। जब तक यह खतरनाक पोल यहाँ से हटता नहीं,हमारी मांगे जारी रहेगी। ताकि सोए हुए प्रशासन को जगाया जा सके।
आवेदन देनें वालों में ईश्वर राऊत, राज किशोर राऊत, सुरेश राऊत, पपलू राउत, प्रशांत राऊत, दिलीप राऊत,राधे श्याम मंडल सहित अन्य कई लोग शामिल हैं।


