
Deoghar: देवघर नगर निगम अंतर्गत कार्यरत पम्प चालकों ने महापौर रवि राउत को एक आवेदन देते हुए मांग की है कि स्वाति कंपनी से उन्हें मुक्त कर पुनः नगर निगम से पम्प चालकों के वेतन भुगतान करवाया जाए।

दिए आवेदन के माध्यम से कहा है कि हम सभी पंप चालक कई वर्षों से नगर निगम देवघर में पंप चालन का कार्य कर रहें हैं, जिससे पूरे देवघर नगर निगम में जलापूर्ति व्यवस्था सुदृढ रहती है। लेकिन, सभी पंप चालकों को बीते साल 2020 के जून माह में एक निजी “स्वाति कम्पनी” के अंतर्गत षडयंत्र के तहत कर दिया गया है।

जबकि सभी पम्प चालक उस समय भी नगर निगम के अंतर्गत ही देख रेख में कार्य करना पसंद करते थे।
पंप चालकों का कहना है कि लगातार तेरह वर्षों से हम लोगों को कई तरह से शोषण किया जा रहा है। समय पर वेतन भुगतान नहीं किया जाता है, असमान्य रूप से सभी का वेतन भुगतान किया जाता है। साथ ही वास्तविक मजदूरी से बहुत कम दर पर वेतन भुगतान की जाती है।
सभी का पिछले छह वर्षों से ईपीएफ बकाया है। इतना ही नहीं पंप चालकों के द्वारा जब भी इसका विरोध किया जाता है तो,मनमाने ढंग से मानसिक रूप से पड़ताड़ित भी किया जाता है।
वहीं पंप चालकों ने कहा कि स्वाति कम्पनी के संचालक नवल भूवना के साथ इन सभी समस्याओं पर सहमति बनाने की कोशिश भी की गई,मगर संचालक के द्वारा बातों को अनसुना किया जाता रहा है।
वहीं सभी पंप चालकों ने मेयर से आग्रह किया है कि उनकी सभी बातों को एक बार जांच कर स्वाति कम्पनी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
दिए आवेदन में प्रदीप मिश्र, नीरज सिंह,बिट्टू सिंह,अभिमन्यु सिंह,मुन्ना कुमार पंडित,बिनोद मिर्धा,बम बम यादव,प्रदीप चौधरी,अनूप कु भगत,राजेश राउत,संजय कुमार साह,सुनील पण्डित, कुंदन पांडे,संजीव कुमार,अजय मंडल,विकास सिंह अन्य कई कर्मियों ने हस्ताक्षर किया है।


