
Deoghar: देवघर का एक ऐसा स्कूल जहां वैसे मां-बाप के सपने साकार हो रहे जो कम आमदनी में अपने जिगर के टुकड़े को अंग्रेजी स्कूल में पढ़ाने की चाहत रखता है।

विलियम्स टाउन स्थित सुप्रभा शिक्षा स्थली स्कूल, इस विद्यालय में पढ़ रहे सैंकड़ो बच्चे में से ज्यादातर बच्चे निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं। जिनके माता पिता दिन रात कड़ी मेहनत कर कुछ हजार रूपये महीने के कमा पाते हैं। जिनके सपने अपने बच्चे को लेकर बड़े हैं लेकिन जेब जवाब दे देती है। ऐसे में सुप्रभा शिक्षा स्थली इनके सपने को साकार कर रहा।

जहां जेब देखकर बच्चों का एडमिशन नहीं बल्कि जज्बा देखकर बच्चों को पढ़ाया जाता है।
हर बच्चे को बेहतरीन शिक्षा देने का संकल्प लेने वाले इस स्कूल में ज़्यादातर ऐसे लोग अपने बच्चे को लेकर एडमिशन के लिए पहुंचते हैं जिनके पास तय राशि मौजूद नहीं होती। लेकिन, उन्हें निराश होकर नहीं लौटना पड़ता। क्योंकि, स्कूल के डायरेक्टर प्रेम कुमार का साफ़ कहना है कि बच्चे की काबिलियत देखो हैसियत नहीं।
इस स्कूल में लोगों से उतनी ही रकम बतौर एडमिशन फी ली जाती हैं जितना वो देने में सक्षम हैं। यहां तक कि ज़्यादातर बच्चों की मंथली फीस भी एक निवेदन पर कम कर दी जाती है। ताकि बच्चों की शिक्षा में रुपया बाधा न बनें।

प्रेम कहते हैं जिन माँ पिता ने इंग्लिश मीडियम स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ा कर बेहतर जीवन देने का सपना देखा है। उस सपने का गला हम सिर्फ इसलिए नहीं घोंट सकते कि उनके पास बड़े स्कूल में पढ़ाने के लिए उतनी आमदनी नहीं है।
उन्होंने कहा कि बिल्कुल स्कूल चलाने के लिए बड़ी राशि की जरूरत है, इसलिए बच्चों से एडमिशन चार्ज और महीने की फी लेना हमारी भी मजबूरी है। लेकिन, ये राशि हम उतनी ज़्यादा नहीं ले सकते जिससे बच्चों की पढाई ही रुक जाये। ऐसे में कई पैरेंट्स जब अपने बच्चे को लेकर हमारे विद्यालय आते हैं और अपनी परेशानी से हमें वाक़िफ़ कराते हैं तो हमारी भी कोशिश होती है कि हम इन पर ज्यादा बोझ न डालें। उतना ही अमाउंट इनसे लें जो ये आसानी से अफोर्ट कर सकें। कभी कभार तो हमें फ्री में भी एडमिशन लेने में कोई हिचकिचाहट नहीं होती है।
प्रेम कुमार ने कहा कि हमारा मकसद एक ही है बच्चों की बेहतर शिक्षा।



