
Deoghar: देवघर नगर थाना क्षेत्र के बाजला कॉलेज के पास स्थित निजी क्लिनिक विनायक हॉस्पिटल के बाहर शुक्रवार को दर्जनों लोगों ने जमकर हो हंगामा किया। हंगामा करने वाले लोगों का महिला चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप था।

आक्रोशित लोग महिला चिकित्सक पर इलाजरत भर्ती मरीज को रेफर नहीं करने, पैसे की डिमांड और पांच दिन प्रसव के उपरांत बच्चे की मौत में चिकित्सकीय लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे थे। इधर, हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

घटना के संबंध में पीड़ित बांका जिला के कटोरिया थाना क्षेत्र के मालरतन गांव निवासी रतन कुमार यादव का आरोप है कि पांच अक्टूबर को उनकी पत्नी के पेट में काफी दर्द हो रहा था। उसका प्रसव कराने डा. के पल्लवी के क्लिनिक विनायक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। भर्ती से पहले लगभग 15 हजार रुपया जमा कराया गया। लेकिन, चिकित्सक द्वारा समय पर प्रसव नहीं कराकर देर रात सिजेरियन किया गया।
इसके बाद बच्चे को शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह दी गई। शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा जांच के उपरांत बच्चे को मृत घोषित किया गया। इस बीच उनकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। पांच दिन बाद जब अपनी पत्नी को रेफर करने की बात चिकित्सक से की तो उन्होंने पहले पैसा जमा कराने की बात कही।
वहीं बांका निवासी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी को प्रसव के लिए डा. के पल्लवी के क्लिनिक में भर्ती कराया था। प्रसव के उपरांत बच्चे की मौत हो गई थी। चिकित्सक द्वारा लिखी गई बाहर से लेकर आए थे। इसके बाद उनकी बेटी की हालत काफी खराब हो गई। चिकित्सक का कहना है कि बाहर से लाई गई दवा की वजह से ऐसा हुआ। चिकित्सक का कहना था कि दवा केवल उनके ही क्लिनिक स्थित दवा दुकान से खरीदनी होगी। बाहर की दवा नकली होती है। साथ ही भर्ती के समय से कहीं अधिक पैसे की डिमांड की जा रही है।
वहीं, डॉ. के पल्लवी ने सभी आरोप को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि जांच के तुरंत बाद स्वजनों को पेट में बच्चे के फंसे होने की स्थिति से अवगत कराते हुए सिजेरियन कराने की सलाह दी गई थी लेकिन स्वजन नॉर्मल डिलेवरी कराने पर अड़े रहे। बच्चे की हालत को देखते हुए स्वजन को कई बार बोला गया लेकिन हर बार स्वजन पैसा का प्रलोभन देकर नार्मल कराने की जिद पर अड़े रहे। वहीं बाहर से दवा की गुणवत्ता की गारंटी नहीं लिया जा सकता है। चूंकि कभी-कभार दवा से रिएक्शन हो जाता है। इसलिए उसका रिस्क नहीं लिया जाता है।


