
Deoghar: साइबर ठग लोगों को तरह-तरह का प्रलोभन देकर ठगी का शिकार बनाने में लगे रहते है। झांसे में आए लोग अपनी जमा-पूंजी एक झटके में ही गंवा देते है। कुछ ऐसे ही साइबर ठगी का शिकार बने हैं एम्स देवघर में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी।

नर्सिंग अधिकारी को आइडी भेजकर एक-दो नहीं बल्कि 10.82 लाख रुपये ठगी की गई है। पीड़ित नर्सिंग अधिकारी मामले को लेकर साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराया है।

राजस्थान के जयपुर जिला के फागी थाना क्षेत्र के दतुली के रहने वाले दिनेश चौधरी एम्स देवघर में नर्सिंग अधिकारी के रूप में कार्यरत है। उन्हें आठ फरवरी को उनके टेलीग्राम (सोशल साइट) पर किसी प्रिया नाम की आइडी से एक लिंक भेजा गया, जो Amazon Working Benefit Group का था। उस ग्रुप से वह जुड़ गए। इसके बाद उन्हें कुछ कपड़े और खिलौने अमेजोन कार्ट पर एड करने को बोला गया। इसके बाद उन्हें दो बार 150 रुपये दिया गया।
बाद में टास्क को कंपलीट कराने के लिए पांच बार में 28500 रुपये रिटर्न कराने के नाम पर जमा कराया गया। इसके बाद क्रेडिट स्कोर ठीक कराने के नाम पर दो लाख रुपये जमा कराने के बाद क्रिटो करेंसी के फंड को ट्रांसफर्र कराने व सरकारी टैक्स के नाम पर 1,55,856 रुपये जमा कराया। इसके बाद उन्हें बताया गया कि उनका रिटर्न के रूप में 6,23,427 रुपये हो गया है। लेकिन यह रकम सीधे उनके एकाउंट में ट्रांसफर नहीं हो रहा है। इसके लिए वीआइपी चैनल अकाउंट खुलवाने को कहा और इसके लिए 80 हजार रुपये ले लिया।
अब जमा राशि नौ लाख रुपये से अधिक हो जाने पर सिक्योरिटी के नाम पर 25 हजार रुपये लिया गया। बावजूद उन्हें किसी भी तरह की राशि वापस नहीं लौटाई गई। इसके बाद फिर से पैसों की मांग की जाने लगी। उनके एकाउंट से कुल 10.82 रुपये की निकासी कर ली गई है। जिसकी शिकायत उन्होंने एनसीआरपी पर किया है। साइबर थाना की पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।


