
Ranchi: शुक्रवार को मीडिया में ये खबर आई कि साहेबगंज के डीसी रहते पिता बने IAS संदीप सिंह ने अपने बेटे के दो जन्म प्रमाण पत्र बनाए हैं, दोनों पर पता रामगढ़ डीसी आवास का है और, DOB में अंतर सिर्फ 17 दिनों का है”। जिसके बाद रांची नगर निगम के कमिश्नर संदीप सिंह ने मीडिया से बात की और अपना पक्ष रखा।उन्होंने पूरे मामले को स्पष्ट करते हुए पूरी बात बतायी।

आईएएस संदीप सिंह ने कहा कि जन्म तिथि में मात्र 17 दिनों के लिए परिवर्तन में तिथि सुधार के अलावा कोई अन्य और उद्देश्य नहीं है।

उन्होंने कहा “जन्म तिथि में अगर किसी व्यक्ति का उद्देश्य छेड़-छाड़ करना हो, तो जन्म तिथि को कुछ महीने या 1-2 साल आगे बढ़ाने की बात समझी जा सकती है। प्रथम जन्म प्रमाण पत्र का आवेदन जन्म के कुछ समय बाद दिया गया था, जब बेटे का नामकरण नहीं हुआ था। उस वक्त घरेलू नाम पर प्रमाण पत्र जारी किया गया था। संभवतः लिपिकीय भूलवश सर्टिफिकेट में जन्म तिथि 17 मई के बदले 3 जून अंकित पाया गया (17 दिन का अंतर)। बेटे के विधिवत नामकरण के पश्चात पूर्व प्रमाण पत्र में नाम व जन्मतिथि सुधार हेतु आवेदित कर संशोधन कराया गया। पूर्व अंकित जन्म तिथि को वास्तविक जन्म तिथि के अनुसार 17 दिन पहले कर नियमानुसार सुधार कर अंकित किया गया। यह जन्म जन्म तिथि से छेड़ छाड़ नहीं बल्कि नियमों के अनुसार वास्तविक जन्म तिथि ही प्रमाण पत्र पर अंकित हो, यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया था। खबर पढ़ने के बाद मैंने संबंधित कार्यालय को संशोधित जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रियानुसार, संशोधन के पूर्व का प्रमाण पत्र यदि कैंसिल नहीं है तो उसे विधिवत कैंसिल करने का लिखित अनुरोध किया। कृपया उसे विधिवत कैंसिल कर लें। सबसे बड़ी बात कि अगर किसी व्यक्ति की मंशा जन्म तिथि में गड़बड़ी की होगी तो वह जन्म तिथि को कुछ महीने या साल आगे करेगा, मेरे मामले में जन्म तिथि को उसी वर्ष के जून से पीछे कर मई माह की वास्तविक तिथि के अनुसार संशोधित किया गया। पूर्व का प्रमाण पत्र उसी समय रद्द हो गया है या नहीं, यह सुनिश्चित नहीं करना मेरी चूक रही।”
बता दें कि वर्तमान रांची नगर निगम के आयुक्त आएएस अधिकारी संदीप सिंह के बेटे का दो जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया। दोनों प्रमाण पत्र रामगढ़ नगर परिषद की तरफ से जारी किया गया है।
प्रमाण पत्र के मुताबिक पहला जन्म 17 मई 2019 को हुआ था। 17 दिनों के बाद यानी तीन जून 2019 कि तिथि वाला एक जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया।


