
Giridih: गुप्त सूचना के आधार पर गिरिडीह पुलिस और एसएसबी की ज्वाइंट टीम ने सोमवार की देर रात हार्डकोर नक्सली तालों मरांडी उर्फ सुनील मरांडी को दबोचने में सफलता पाया।

एसपी डॉक्टर विमल कुमार को मिले गुप्त सूचना के आधार पर मिले सफलता के दूसरे दिन एसपी और एएसपी सुरजीत कुमार और एसएसबी के कमांडेंट ने प्रेसवार्ता कर गिरफ्तार हार्डकोर नक्सली सुनील मरांडी की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि सुनील कई बड़े नक्सली कांड में फरार चल रहा था। लिहाजा, उसकी तलाश में गिरिडीह और जमुई पुलिस लगातार कर रही थी। इसी क्रम में जिले के भेलवाघाटी थाना इलाके के बालियारी के चोलखो नदी से जंगल के रास्ते अपने सगे संबंधियों के साथ घर बिहार के जमुई के चुकाई थाना इलाके के नेआलडीह जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर एएसपी के नेतृत्व में बनी टीम ने तालों मरांडी को दबोचा।

हालांकि तालों के पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। लेकिन एसपी की माने तो तालों मरांडी बिहार झारखंड के इनामी और कुख्यात नक्सलियों के मारक दस्ते से जुड़ा हुआ था। इसमें पिंटू राणा, मारा गया इनामी नक्सली चिराग दा के दस्ते से जुड़ा हुआ था। एक समय इन दोनों के इशारे पर तालों मरांडी इलाके में चलने वाली योजनाओं में ठेकेदारों से लेवी वसुली करता था। लिहाजा, इसके खिलाफ जमुई के चुकाई में नक्सली कांड दर्ज था, तो साल 2020 में इसने दोनों राज्यों के सीमावर्ती गांव गुनायाथर के जेडी नदी के समीप जमीन में बड़े पैमाने पर विस्फोटक छिपाकर रखा था।
जमीन के भीतर छिपाकर रखने का मकसद किसी बड़े नक्सली घटना को अंजाम देना था। इतना ही नही इसी गुनियाथर में तालों मरांडी के नेतृत्व में नदी पर निर्माणाधीन पुल के ठेकेदारों से लेवी का मांग किया गया था। नहीं देने पर तालों मरांडी ने अपने दस्ते के साथियों के साथ सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट तक किया था। जबकि गिरिडीह में कई बड़े नक्सली कांड में इसके खिलाफ केस दर्ज थे। इसलिए तालों मरांडी की गिरफ्तारी को गिरिडीह पुलिस बड़ी सफलता मान रही है।


