
New Delhi : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा (Madhu Koda, former chief minister of Jharkhand) के कोयला घोटाला (Coal scam) मामले में दोषसिद्धि पर रोक वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार तक के लिए टाल दी है।

मधु कोड़ा को कोयला घोटाला मामले में निचली अदालत ने दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक की उनकी मांग को खारिज कर दिया था। इस आदेश को मधु कोड़ा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

इस मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में गुरुवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना ने कहते हुए सुनवाई टाल दी कि उन्होंने मधु कोड़ा की याचिका के केस फाइल को नहीं पढ़ा। अब इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट आरएस चीमा से जस्टिस खन्ना ने कहा कि इस अदालत ने दोषसिद्धि के निलंबन से निपटने के लिए पहले भी एक फैसला दिया था। इसमें कहा गया था कि इसकी सीमा जमानत की सीमा के समान नहीं है।
दरअसल, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने दोषी ठहराए जाने के फैसले पर रोक की मांग इसलिए की है, ताकि वो आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सकें। दरअसल, जनप्रतिनिधि कानून के तहत चुनाव लड़ने के लिए सजा पर रोक जरूरी है।
गौरतलब है कि निचली अदालत ने पूर्व सीएम कोड़ा और पूर्व कोयला सचिव समेत उनके कई सहयोगियों को कोयला घोटाले में दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए टिप्पणी किया था कि याचिकाकर्ता केवल चुनाव लड़ने के उद्देश्य से फैसले पर रोक लगाना चाहता है, जो उचित नहीं है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मधु कोड़ा के दोषी प्रतीत होने की बात कही थी और निर्णय पर रोक लगाने का कोई ठोस आधार नहीं माना था। (IANS)


