
Deoghar: देवघर नगर निगम कार्यालय के समीप पुराना सरकारी बस डिपो के अंदर शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे जेसीबी की चपेट में आने से 8 वर्षीय प्रेम कुमार की मौत मौके पर ही हो गई। घटना के बाद जेसीबी चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही मृतक के राजा बगीचा निवासी पिता मुन्ना मल्लिक, मां सहित बड़ी संख्या में स्वजन और अन्य मोहल्लावासी घटना स्थल पहुंचे। घटना को लेकर आक्रोशित लोगों ने बस डिपो के सामने कचरा उठाव करने वाली वाहनों को सड़क के बीचोंबीच लगाकर 12 बजे से जाम कर दिया।

चालक व एजेंसी के प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मृत बच्चे को लेकर लोग सड़क पर बैठ गए। उसी दौरान कुछ आक्रोशित लोगों ने जेसीबी में भी तोड़फोड़ किया। गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। जाम की सूचना पर नगर थाना प्रभारी मनोज कुमार, एसआई सहित बड़ी संख्या में जवान घटनास्थल पहुंचने। पुलिस पदाधिकारी ने आक्रोशित लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई भी कुछ सुनने को तैयार नहीं था। चालक को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। लगभग चार घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। जाम की वजह से किसी भी तरह के वाहन को उस रास्ते से जाने नहीं दिया जा रहा था। उसी दौरान मजदूर नेता संजय मंडल वहां पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी लेने के बाद स्वजनों को काफी समझाया। बाद में निर्वतमान वार्ड पार्षद मृत्युजंय प्रसाद भी मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया। 3:30 बजे के करीब एजेंसी के प्रबंधक जयप्रकाश व नगर प्रबंधक प्रकाश मिश्रा घटनास्थल पहुंचे। इसके बाद समझौता को दौर शुरू हुआ।

निगम कार्यालय में नगर थाना प्रभारी, नगर प्रबंधक, मजदूर नेता, निर्वतमान वार्ड पार्षद सहित मृत के माता-पिता व अन्य स्वजनों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद एजेंसी की ओर से मुआवजा के रूप में 1.25 लाख रुपये दिया। इसके बाद तनाव कम हुआ और जाम को हटाया गया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। वहीं पुलिस ने जेसीबी को जब्त कर लिया है। स्वजनों के बयान के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
थाना में दी गई शिकायत
मृतक के पिता मुन्ना मलिक ने घटना को लेकर नगर थाना में शिकायत दर्ज कराया। जिसमें उसका कहना है कि वह नगर निगम में दैनिक सफाई कर्मी के रूप में काम करता है। घटना की दिन 11:30 बजे उसका बेटा प्रेम कुमार डिपो में खेलने गया था। उसी समय चालक मनोज यादव शराब पीकर और कान में हेड फोन लगाकर जेसीबी चला रहा था। उसी दौरान उसका बेटा गाड़ी की चपेट में आ गया। उसका बेटा चिल्लाया लेकिन नशे की हालत और कान में हेड फोन लगाने की वजह से चालक कुछ नहीं सुना। जिससे वजह से घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। एमएसडब्ल्यूएम के प्रबंधक की ओर से भी चालक पर निगरानी नहीं रखा जा रहा था। इसी वजह से घटना हुई। पुलिस से दोषी चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।



