
Deoghar: देवघर जिले के चितरा में तुलसी डाबर गांव वासी सुकदेव टुडू ने अपनी मांगों को लेकर सड़क निर्माण में जुटी आउटसोर्स कंपनी का कार्य रोक दिया है। इससे कंपनी को लगभग दो करोड़ का चूना लगा है।

जानकारी हो कि एसपी माइंस के विस्तार के लिए आउटसोर्स कंपनी लगाकर दमगढा गांव स्थित ओबी हटाने का कार्य कराया जा रहा है। इस मलबे को अन्यत्र फेंकने के लिए कंपनी रोड बना रही थी। जिसे तुलसी डाबर गांव के सुकदेव टुडू और उसके परिवार के सदस्यों ने नौकरी, मुआवजा और पुनर्वास के लिए जमीन की मांग को लेकर आउटसोर्स कंपनी के कार्य को रोक दिया है। ऐसे में कंपनी को 14 अक्टूबर से अब तक लगभग दो करोड़ का नुकसान हो चुका है। इस मामले में एसपी माइंस के अधिकारी और जमीन मालिक की तरफ से दो पक्षीय मारपीट का मामला स्थानीय थाने में भी दर्ज कराया गया है।

महाप्रबंधक एके आनंद कहते हैं कि जिस स्थान पर जमीन मालिक की ओर से कार्य रोका गया है। वह जमीन अधिग्रहित है। उस पर तीन लोग नौकरी ले चुके हैं। कार्य में व्यवधान के कारण दो लोगों को नौकरी से निलंबित किया गया है। एक सेवानिवृत हो चुके हैं। अब 5.99 एकड़ की जमीन पर सुखदेव टुडू और उसके परिवार के तीन लोगों को नौकरी मुआवजा आदि देने की प्रक्रिया चल रही है। लगभग दो महीने बाद तीन लोगों को नौकरी देने की प्रक्रिया मुकम्मल हो जाएगी।
लोग मांग रहे हैं रंगदारी:
आउटसोर्स कंपनी के निर्देशक रवि रंजन चौबे कहते हैं कि मैं एसपी माइंस के निर्देशानुसार कार्य कर रहा था। कोई जोर जबरन काम नहीं किया जा सकता है। लेकिन जमीन मालिक को ढाल बनाकर लोग रंगदारी मांग रहे हैं। जिस परिवार ने कार्य रोका है। उसके सभी सदस्यों को एसपी माइंस में नौकरी मिलने तक काम देने को तैयार हूं। मैं या हमारी कंपनी ने किसी के साथ कोई बदतमीजी नहीं की है। बिना कारण के कार्य रोकने से हमारी कंपनी को दो करोड़ का नुकसान हो चुका है। अभी तक 300 स्थानीय लोगों को कंपनी में काम मिल चुका होता। लेकिन कार्य ठप रहने के कारण कंपनी के साथ-साथ स्थानीय युवकों को भी नुकसान हो रहा है।


