
Deoghar: अब हम आपको बतलाते हैं देवघर के सिविल सर्जन (Civil Surgeon) की उस संवेदनशिलता की कहानी. जिसे जानकर यक़ीनन आप भी तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे. ऐसा हम इसलिए भी कह रहे हैं क्यूंकि, अपने ही महकमे के डॉक्टरों और पारामेडिकल स्टाफ की संवेदनहीनता देख सिविल सर्जन न सर्फ़ आग बबूला हो गए बल्कि। जिला मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँच कर, दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी मरीज का खुद से इलाज़ करने में जुट गए.

वो भी तब, जबकि, दुर्गापूजा को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से विशेष एहतियात बरतने के निर्देश जारी किए गए थे बल्कि, जिले के सिविल सर्जन ने नौ दिन पहले ही इमरजेंसी ड्यूटी पर लगाए गए स्वस्थ्य केंद्र के तमाम डॉक्टर्स और और स्टाफ को सजग रहने के आदेश जारी किए थे.

बावजूद जब, इमरजेंसी मरीज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा तो वहाँ उसे रिसिव तक करने वाला कोई नहीं था. आपको बता दें की, एक दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी और ख़ून से लठपथ युवक को लेकर कुछ लोग सड़क के किनारे खडे थे. इस बीच सड़क से गुजर रहे एक राहगीर की नजर उनपर पड़ी तो उन्होंने उनसे तुरंत इलाज़ कराने के बजाए सड़क पर खडे होने की वजह पूछी.
युवकों ने बताया कि, उन्हें समझ नहीं आ रहा कि, वह इसे लेकर कहां जाएँ. जबकि, जिस जगह वह दर्द से तड़प रहे युवक को लेकर खडे थे वहाँ से चंद कदम की दूरी पर ही जसीडीह का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र था. लिहाजा, उक्त राहगीर ने फ़ौरन मरीज को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया.
लेकिन, दुर्गा पूजा के मद्देनजर इमरजेंसी ड्यूटी में लगाए गए एक भी स्वास्थ्य कर्मी वहाँ स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद नजर नहीं आए. इस बीच जब जिले के सिविल सर्जन को हालात की जानकारी दी गई तो, सिविल सर्जन रंजन सिन्हा अपनी व्यवस्था की हालत सुनकर खुद को रोक नहीं पाए और सात किलोमीटर की दूरी तय कर जसीडीह के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और फिर जाकर मरीज का इलाज़ शुरू हो सका.
उन्होंने खुद ही मरीज के कटे हुए हिस्से को स्टीच किया मरहम पट्टी की और दवाई देकर सदर अस्पताल भेजनें का इंतजाम भी किया. लेकिन, जिले के स्वास्थ्य विभाग के सबसे बड़े अधिकारी करीब आधे घंटे तक खुद मरीज की तिमारदारी में लगे रहे बावजूद इसके न तो सेंटर के प्रभारी वहाँ पहुंचे और न ही अन्य स्टाफ. और जब सीएस वहाँ से जाने लागे तब कुछ महिला पारा मेडिकल स्टाफ वहां पहुंची।
अपने जिले के स्वास्थ्य केंद्र के हालात को देखकर सिविल सर्जन बिफर पड़े और इस हेल्थ सेंटर में ड्यूटी से नदारद सभी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कहा वहाँ से निकल गए.


