
Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) ने देवघर एयरपोर्ट में नाइट लेंडिंग (Night landing at Deoghar airport) शुरू नहीं होने तथा एयरपोर्ट के आस-पास की ऊंची बिल्डिंग को तोड़ने से संबंधित सांसद निशिकांत दुबे (MP Nishikant Dubey) की अवमानना याचिका मामले में देवघर डीसी को निर्देश दिया कि देवघर एयरपोर्ट के आसपास के जो सात ऊंचे भवन टूटने हैं, उनके नफा-नुकसान की जांच पड़ताल करने के लिए असेसर नियुक्त करें, यह असेसर 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट दें। कोर्ट ने मामले की सुनवाई चार सितंबर निर्धारित की।

इससे पहले कोर्ट को बताया गया कि केंद्र सरकार की ओर से जिन भवनों को तोड़ा जाना है, उनके नफा नुकसान की जांच को लेकर एक व्यक्ति की नियुक्ति करने को लेकर देवघर डीसी को पत्र लिखा गया था। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय ने एवं केंद्र सरकार के अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने पैरवी की।

इससे पहले केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि देवघर एयरपोर्ट के आस-पास की सात ऊंची बिल्डिंग को तोड़ा जाना है, इन भवनों के मालिक को कितना नफा नुकसान होगा, इसका भी आकलन जरूरी है, ताकि उन्हें सही मुआवजा मिल सके। सोमवार को हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में सुनवाई हुई।
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने देवघर एयरपोर्ट लिमिटेड को निर्देश दिया था कि वह डीसी देवघर को पत्र लिखकर जिनके मकान टूटेंगे उनके लॉस का एसेसमेंट करने के लिए एक व्यक्ति की नियुक्ति के लिए अनुरोध करें। (Wire Agency-HS)



