
Ranchi:झारखंड में नॉर्थ कर्णपुरा स्थित एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन) प्रोजेक्ट और उसके लिए काम करने वाली कंपनियां अपराधियों के निशाने पर हैं। मंगलवार को कंपनी के लिए कोल माइनिंग का काम करने वाली ऋत्विक माइनिंग इंफ्रा लिमिटेड कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर शरद कुमार को दिन दहाड़े गोलियों से भून डालने की घटना के बाद लॉ एंड ऑर्डर का सवाल एक बार फिर खड़ा हो गया है। वर्ष 2019 से लेकर अब तक एनटीपीसी के लिए काम करने वाली कंपनियों के तीन बड़े अधिकारियों की हत्या हुई है।

एनटीपीसी को 1980 मेगावाट की क्षमता वाले पावर प्लांट के संचालन के लिए हजारीबाग जिले में दो कोयला ब्लॉक आवंटित हुए हैं। इनमें चट्टी-बारियातू और पंकरी-बरवाडीह ब्लॉक शामिल हैं। चट्टी बरियातू परियोजना से प्रतिवर्ष 70 लाख टन कोयले का उत्पादन किया जाना है। आपराधिक गिरोह इन दोनों जगहों पर कोल माइनिंग का काम देखने वाली आउटसोसिर्ंग कंपनियों से अक्सर रंगदारी की मांग करते हैं। इसे लेकर कंपनियों के अधिकारियों पर दबाव बनाना, उन्हें धमकी भरे कॉल करना और दहशत फैलाने के लिए साइटों पर गोलीबारी की घटनाएं आम हो चली हैं। कोयला परियोजना क्षेत्र में अमन साहू, अमन श्रीवास्तव और पांडेय गिरोह के अलावा टीएसपीसी उग्रवादी संगठन सक्रिय है।

मंगलवार को ऋत्विक माइनिंग इंफ्रा लिमिटेड कंपनी के जिस वरिष्ठ अफसर की हत्या हुई, उसके पीछे भी रंगदारी वसूलने वाले एक आपराधिक गिरोह का हाथ माना जा रहा है। क्षेत्र में आपराधिक गिरोहों की सक्रियता की वजह से शरद कुमार को कंपनी की ओर से बुलेटप्रूफ गाड़ी उपलब्ध कराई गई थी। उन्हें सरकारी अंगरक्षक भी दिया गया था। मंगलवार को वह बुलेटप्रूफ गाड़ी में नहीं थे। वह एक स्कॉर्पियो से चट्टी बारियातू स्थित कोल प्रोजेक्ट पर जा रहे थे, तभी चार नकाबपोश अपराधियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की।
उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उनका अंगरक्षक राजेंद्र महतो भी घायल हुआ है। राजेंद्र झारखंड के डीजीपी अजय कुमार सिंह के निर्देश पर इस हत्याकांड की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया किया गया है। बड़कागांव के डीएसपी अमित कुमार इसका नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि राज्य पुलिस मुख्यालय के एडीजी अभियान संजय आनंदराव लाठकर पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
एटीएस के एसपी सुरेंद्र झा भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच में जुटे हैं। एडीजी अभियान संजय आनंदराव लाठकर का कहना है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जायेगा। पुलिस की टीम अपराधियों की धर-पकड़ में जुटी हुई है ।
यह पहली दफा नहीं है जब किसी अधिकारी की लेवी वसूली के लिए हत्या की गयी है। यहां कोल कंपनी खुलने के बाद अपराधी तीन हत्याएं कर चुके हैं। 2019 में त्रिवेणी सैनिक कंपनी के एजीएम गोपाल सिंह की हजारीबाग के जुलू पार्क में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी, जबकि वर्ष 2021 में एलएंडटी कंपनी के प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर सत्येंद्र सिंह को भी अपराधियों ने भून डाला था।
आपराधिक गिरोह चाहते हैं कि खनन परियोजनाओं में कोयला खनन, लोडिंग से लेकर ट्रांसपोटिर्ंग तक में उन्हें एक निश्चित रकम रंगदारी के तौर पर मिले। ट्रांसपोटिर्ंग कंपनियों की साइटों पर भी अक्सर गोलीबारी की घटनाएं होती रहती हैं। अपराधी और क्षेत्र में सक्रिय रहे नक्सली संगठन पहले एनटीपीसी के बड़े अधिकारियों तक को धमका चुके हैं। (Input-IANS)



