
Deoghar: खतियानी जोहार यात्रा के पहले चरण के अंतिम दौर में देवघर पहुँचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यूँ तो हज़ारों की जनसभा को सम्बोधित किया लेकिन, उस भीड़ मे उनका एक ऐसा जबरा समर्थक भी था जिसने सीएम के तमाम प्रोटोकॉल को दरकिनार कर न सिर्फ मंच पर चढ़ मुख्यमंत्री से मुलाक़ात कि बल्कि, उन्हें रोकने वालों को भी जमकर खरी खोटी सुनाई।
परिसदन से भगाया तो मंच पर की मुलाक़ात

दरअसल, देवघर के परिसदन मे मुख्यमंत्री राज्य के मुख्य सचिव समेत तमाम अधिकारीयों के साथ समीक्षा बैठक मे मशरूफ थे। इसी बीच हाथ में जेएमएम का झंडा लिए एक बुजुर्ग परिसदन के गेट के भीतर दाखिल होने के लिए बढ़ा। लेकिन, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। जिसके बाद जो कुछ हुआ उसकी उम्मीद किसी ने भी नहीं की होगी।

जी हां…. मुख्यमंत्री से मिलने से रोके जाने पर गुस्से से लाल पीले हुए बुजुर्ग ने उन्हें ही बाहर बुलाने को कहा। जिसे सुनकर गेट पर तैनात तमाम अधिकारियो और सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ गए।
मेरी पत्नी मर गई, मैं भूख से मर रहा, क्यों नहीं मिलने दोगे सीएम से
इतना ही नहीं गुस्से से तमतमाये बुजुर्ग ने कहा कि, मैं सीएम को वोट देता हूं… अब मेरी पत्नी नहीं रही.. मैं भी भूख से मर रहा हूं और पेंशन भी नहीं मिल रही.. तुम क्यों नहीं मिलने दोगे.. उसे ही बाहर बुलावो.. बुजुर्ग की बात सुनकर मौके पर मौज़ूद तमाम लोगों के होश उड़ गए और उन्हें समझा बुझा कर आर मित्रा स्कूल के कैम्पस में भेजा गया जहां मुख्यमंत्री की सभा होनी थी।
सभा स्थल पर पहुँच बुजुर्ग चढ़ा मंच पर, सीएम से मिल सुनाई पीड़ा
सुरक्षाकर्मियों के समझाने के बाद बुजुर्ग वहाँ से सीधे सभास्थल पहुंचे और सीएम के आने का इंतज़ार करने लगे.. और सीएम के आते ही हाथ में पार्टी का झंडा लिए बुजुर्ग सीधा मंच की तरफ बढ़ने लगे.. इस बीच वह जोर जोर से मुख्यमंत्री से मिलने की बात कह रहे थे तभी मुख्यमंत्री की नज़र उनपर पड़ी और उन्हें मंच पर बुला लिया गया।
फिर क्या था, मुख्यमंत्री से मिलते ही बुजुर्ग उनके पैरों पर गिर पड़ा और होनी पीड़ा बयां कर मदद की गुहार लगे। बुजुर्ग की बात सुन मुख्यमंत्री ने भी वहाँ मौजूद अधिकारियो को जल्द समस्या के समाधान को लेकर निर्देश दिया। उस बीच सभास्थल मे मौजूद हज़ारों की भीड़ की नज़र उस बुजुर्ग पर टिकी रही।


