
Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में शुक्रवार को राज्य में एमपी-एमएलए कोर्ट (MP-MLA Court) में विधायकों और सांसदों के मामलों के त्वरित निष्पादन से संबंधित जनहित याचिका पर हुई। मामले में सीबीआई (CBI) द्वारा बताया गया निचली अदालत में अभी पूजा अवकाश चल रहा है। इसके बाद एमपी-एमएलए के मामले में सीबीआई की ओर से दर्ज मामलों की गवाही में तेजी लाई जाएगी ताकि जल्द से जल्द मामले का निष्पादन हो सके।

हाई कोर्ट के अधिवक्ता को कोर्ट ने कहा कि 30 अक्टूबर तक एमपी-एमएलए से संबंधित जो मामले निष्पादित हुए हैं उसे स्टेटस रिपोर्ट के रूप में दाखिल करें। दूसरी और कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि आपके द्वारा जो स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई है उसमें एमपी-एमएलए के केस के बारे में जो आंकड़े हैं उसमें कुछ त्रुटि है, जिसे दूर कर कोर्ट को अवगत कराएं।

पूर्व में सीबीआई ने हाई कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया गया था। इसमें सीबीआई की ओर से बताया गया है कि एमएलए/ एमपी से जुड़े सीबीआई कोर्ट में कुल 18 मामले में से दो मामले निष्पादन किए गए हैं। 16 मामले अभी भी लंबित हैं। वर्ष 2022 में रांची की सीबीआई की विशेष अदालत से दो मामले निष्पादित किए गए हैं। इनमें एक मामला जो बंधु तिर्की की आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है (आरसी 5A/ 2010 ) को सीबीआई की विशेष अदालत ने 28 अप्रैल को निष्पादित किया गया। लालू प्रसाद से जुड़े चारा घोटाले (आरसी 47A/ 96) को 15 फरवरी को निष्पादित किया गया।
उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि एमपी-एमएलए से संबंधित सीबीआई कोर्ट में जो भी आपराधिक मामला चल रहा है उसकी प्रगति रिपोर्ट शपथ पत्र के माध्यम से कोर्ट में प्रस्तुत किया जाय।


