
Ranchi: झारखंड-छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित बूढ़ापहाड़ (Budhapahar situated on the border of Jharkhand-Chhattisgarh) को नक्सलियों के कब्जे से मुक्त कराने के लिए चलाये गये ऑपरेशन ऑक्टोपस की कामयाबी के बाद अब पांच राज्यों की पुलिस एक साथ को-ऑर्डिनेटेड एंटी नक्सल ऑपरेशन (Co-ordinated Anti Naxal Operation) चलायेगी। इस अभियान की मॉडस ऑपरेंडी तय करने के लिए इस्टर्न रिजनल पुलिस कोऑर्डिनेशन की बैठक 21 सितंबर को होगी।

यह वर्चुअल मीटिंग होगी, जिसमें झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के डीजीपी हिस्सा लेंगे। दिन के 11 बजे से होनेवाली मीटिंग की अध्यक्षता बिहार के डीजीपी एसके सिंघल करेंगे। सभी राज्यों के एडीजी अभियान, एडीजी मुख्यालय, आईजी अभियान, आईजी सीआईडी और आईजी स्पेशल ब्रांच के अफसर भी इस मीटिंग में जुड़ेंगे।

बताया जा रहा है कि इन पांचों में नक्सलियों के जितने भी प्रभाव क्षेत्र हैं, वहां ऑपरेशन के दौरान हासिल इनपुट्स और नक्सलियों के मूवमेंट की हर छोटी-बड़ी सूचना पांचों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर तरीके से साझा करने की रणनीति तय की जायेगी। मोस्ट वांटेड नक्सलियों के ब्योरे, उनके पास उपलब्ध हथियार, संख्या बल आदि का डेटा भी एक-दूसरे से लगातार शेयर किया जायेगा।
इसके अलावा इन राज्यों में मादक पदार्थों की तस्करी और गौ तस्करी के साथ-साथ संगठित आपराधिक गिरोहों पर भी नकेल कसने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। यह पाया गया है कि मोस्ट वांटेड नक्सली और अपराधी वारदातों को अंजाम देने के बाद दूसरे राज्यों में शरण ले लेते हैं।
इस बीच झारखंड में बूढ़ापहाड़ के बाद गिरिडीह जिले के पारसनाथ, हजारीबाग और बोकारो जिले की सीमा पर स्थित झुमरा पहाड़ और चतरा एवं बिहार के गया जिले की सीमा पर स्थित कौलेश्वरी पहाड़ और उससे सटे जंगलवर्ती इलाकों में नक्सलियों के कैंप ध्वस्त करने के लिए ऑपरेशन शुरू किया जा रहा है। चतरा जिले में एसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में ऑपरेशन कौलेश्वरी लांच कर दिया गया है।
सीआरपीएफ 190 बटालियन के कमांडेंट मनोज कुमार और एसडीपीओ अविनाश कुमार फील्ड में इसकी अगुवाई कर रहे हैं। मंगलवार को इसे लेकर चतरा और बिहार के गया जिले के पुलिस अफसरों की संयुक्त बैठक भी हुई। तय हुआ कि दोनों ओर से साझा तौर पर कौलेश्वरी पर्वत और आसपास की पहाड़ियों को नक्सलियों से मुक्त कराने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कॉम्बिंग की जायेगी।
कौलेश्वरी पहाड़ी की तलहटी में स्थित गड़िया, अमकुदर व सहोर समेत एक दर्जन गांवों में सुरक्षाबलों की उपस्थिति में सड़कों का निर्माण कार्य भी शुरू कराया गया है, ताकि कम्युनिकेशन बेहतर हो सके। गड़िया में सीआरपीएफ का अस्थाई कैंप भी स्थापित कर दिया गया है।


