
Ranchi: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हजारीबाग के पैथोलॉजी के प्रोफेसर डॉ पांडेय रविभूषण (Dr Pandey Ravibhushan, Professor of Pathology, Sheikh Bhikhari Medical College, Hazaribagh) के पास ब्रिटिश इंडिया और प्रिंसली स्टेट के सेल डीड (Sale deed of British India and Princely State) का खजाना है। इनके पास ब्रिटिश इंडिया और प्रिंसली स्टेट के 1500 से ज्यादा सेल डीड हैं। इनके पास उपलब्ध सेल डीड में महारानी विक्टोरिया, किंग जार्ज, एडवर्ड के अलावा होल्कर स्टेट, टोंक स्टेट, जोधपुर, जयपुर, बीकानेर, भोपाल के नवाब हमीदुल्ला खां, जहां बेगम, पुद्दुकुरई, जावरा स्टेट, कलवार, राजगढ़ और धार स्टेट के सेल डीड शामिल है।
ब्रिटिश पीरियड की इंश्योरेंस पॉलिसी भी

डॉ पांडेय रविभूषण के संग्रह में ब्रिटिश शासनकाल का वर्ष 1938 का कार इंश्योरेंस पॉलिसी भी है। ये पॉलिसी ईगल स्टार एंड ब्रिटिश डोमिनियन इंश्योरेंस कंपनी की है। इस पॉलिसी को पीएच पद्मजी के नाम से जारी किया गया था। इस पॉलिसी का रजिस्ट्रेशन नंबर 12720 है। इसके जरिये फोर्ड वी-8 मॉडल की कार का इंश्योरेंस किया गया था। कार का रजिस्ट्रेशन नंबर टी -1178 था। यह कार 1935 में मैन्यूफैक्चर की गयी थी। इस कार की तब की अनुमानित कीमत 1800 रुपये थी। इस पॉलिसी का क्षेत्राधिकार इंडिया, वर्मा और सीलोन था।
सिक्कों और नोटों का भी है संग्रह

नगराटोली के रहनेवाले डॉ. पांडेय रविभूषण के पास एक रुपये के नोटों का भी अनूठा संग्रह है। इनके पास वर्ष 1935 में जारी एक रुपये के नोट से लेकर 2017 तक जारी हर एक रुपये का नोट है। इसमें 1940 में जारी सीई जोंस के हस्ताक्षर वाला नोट और केआरके मेनन के हस्ताक्षर वाला आजाद भारत का पहला नोट शामिल है।
इनके अनूठे कलेक्शन में पाकिस्तान के लिए प्रिंट किया गया एक रुपये का नोट और रेयर माना जाने वाला वर्ष 1964 के एस भूतलिंगम के बी सीरीज का एक रुपया का नोट भी है। भूतलिंगम के बी सीरीज के एक नोट की गडडी एक समय न्यूमिस्मैटिक मार्केट में 30 लाख रुपये में बिकी थी। उन्होंने बताया कि इन सभी नोटों को कलेक्ट करने में उन्होंने 10 वर्षो से अधिक का समय लगाया है। इनके संग्रह में सोने-चांदी के सिक्कों और ब्रिटिश पीरियड के नोटों को देखकर लोग आश्चर्य करते हैं।



