
Madhupur/Deoghar: अल्पसंख्यकों के अधिकार की रक्षा के लिए अल्पसंख्यक कल्याण मोर्चा के बैनर तले मंगलवार को अंबेडकर चौक मधुपुर में महाधरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सबसे पहले महाधरना की सफलता के लिए जागरूकता रैली निकाली गई।

मंगलवार को महाधरना में शामिल नप कार्यकारी अध्यक्ष मो. जियाउल हक ने कहा कि महाधरना के माध्यम से झारखंड सरकार से अल्पसंख्यकों के अधिकारों को देने की मांग की जा रही है। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा बगैर जांच किए 350 स्कूलों से उर्दू नाम हटा दिया, 509 उर्दू स्कूलों से जुम्मा की छुट्टी समाप्त कर दी गई। 459 उर्दू स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए हाथ जोड़कर प्रार्थना का नियम बना दिया गया जो गलत है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षकों के विभिन्न पदों की बहाली बंद है। हमारी मांगों को सरकार पूरा करें नहीं तो आंदोलन शुरू होगा।


महाधरना के जरिये अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में संचालित स्कूलों का उर्दू स्टेटस बरकरार रखने, रिक्त पद पर उर्दू शिक्षकों की बहाली, द्वितीय राजभाषा उर्दू का सरकारी और गैर सरकारी कार्यों में समुचित अनुपालन, अल्पसंख्यकों के अधिकारों से जुड़े वक्फ बोर्ड, 15 सूत्री कमिटी, अल्पसंख्यक आयोग, अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम, उर्दू अकादमी, मदरसा बोर्ड का गठन, आलिम फाजिल की परीक्षा विश्वविद्यालय से कराने आदि की मांग की गयी।
अल्पसंख्यक कल्याण मोर्चा का प्रतिनिधि मंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से झारखंड के मुख्यमंत्री को प्रेषित किया।



