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पिता की हत्या के लिए बेटी ने प्रेमी को दी थी हीरे की अंगूठी, कन्हैया सिंह हत्याकांड का खुलासा

Seraikela: ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह के साले कन्हैया सिंह की हत्या का सच आखिर सामने आ ही गया। उसकी सगी बेटी अपर्णा ने ही प्रेमी राजबीर सिंह से मिलकर पिता की हत्या कराई थी। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो की धर-पकड़ के लिए छापेमारी हो रही है।

इस हाई प्रोफाइल हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी आनंद प्रकाश ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल कन्हैया सिंह की बेटी अपर्णा सिंह, उसके प्रेमी राजबीर सिंह, शूटर निखिल गुप्ता और सौरभ किस्कु को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें शामिल दो अन्य अपराधी छोटू एवं रवि सरदार की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। उन्होंने बताया कि विगत तीन साल से इसकी साजिश चल रही थी। अपने पिता की हत्या कराने के लिए अपर्णा ने राजबीर को हीरे की अंगूठी दे दी थी। हालांकि, अंगूठी बेचकर पैसे जुटाने की बजाय राजबीर ने खुद पैसे शूटर को दिए।

पिता को नापसंद था बेटी का प्रेमी

एसपी ने बताया कि एमबीए की पढ़ाई कर रही अपर्णा का राजबीर से प्रेम प्रसंग काफी पहले शुरू हो चुका था। इसकी भनक कन्हैया सिंह को मिली तो बेटी को समझाने की बजाय वे राजबीर के घर जा धमके और उसको पिस्तौल का भय दिखाया। साथ ही उसके परिजनों के साथ गाली-गलौज भी की। तब राजबीर परिवार के साथ आदित्यपुर के मांझी टोला में रहता था।

कन्हैया सिंह की वजह से राजबीर के परिजनों को मांझी टोला छोड़ना पड़ा और वे जमशेदपुर स्थित मानगो के डिमना रोड में शिफ्ट कर गए। तब कन्हैया ने बेटी की शादी अन्यत्र कराने की योजना बनाई और योग्य लड़के की तलाश शुरू कर दी। इससे बेटी अर्पणा और उसके प्रेमी राजबीर की बेचैनी बढ़ गई और दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बना डाली। हत्या के लिए शूटर के रूप में राजबीर के साथी निखिल गुप्ता का चयन हुआ। निखिल को कट्टा कांग्रेस नेता छोटेराय किस्कू के बेटे सौरभ किस्कू ने मुहैया कराया था। कट्टा बिहार से मंगाया गया और फिर कन्हैया सिंह का काम तमाम कर दिया गया।

अपर्णा से शेयर किया हत्या का पूरा प्लान

हत्या का पूरा प्लान मोबाइल पर राजबीर ने अपर्णा को शेयर किया था। हत्या की साजिश तीन साल से ही चल रही थी। विगत 20 जून को भी पटना में कन्हैया सिंह की हत्या का प्रयास किया गया था लेकिन हत्यारे अपनी मंशा में सफल नहीं हो सके। इसके बाद विगत 29 जून को कन्हैया सिंह को रास्ते से हटाने में सफलता मिली। उस दिन निखिल गुप्ता ने सौरभ किस्कू, छोटू दिग्गी और रवि सरदार के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था।

बताया गया है कि कांग्रेस नेता के बेटे ने 8500 रुपये में निखिल को कट्टा दिलाया था। निखिल गुप्ता ने ही गोली चलाई थी। घटना को अंजाम देने के बाद सभी मौके से फरार हो गए थे। निखिल गुप्ता किसी और रास्ते से भागा, जबकि उसके साथी सौरभ और छोटू दिग्गी अलग-अलग रास्ते से भागे।

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