
Deoghar: झारखंड के देवघर में पेशी के लिए आये बिहार के बिहटा के कुख्यात ‘महाकाल’ सरगना की सरेआम हत्या की कहानी किसी बड़े पर्दे की कहानी से कम नहीं है। शनिवार को वकालत खाना के बाहर हुए मर्डर की मिस्ट्री भले ही अबतक न सुलझी हो लेकिन एक सजायाफ्ता कुख्यात को बिहार पुलिस द्वारा दिए जा रहे लग्जीरियस फैसिलिटी का भांडाफोड़ जरूर कर दिया है। तभी तो पेशी के लिए आया एक कैदी पुलिस की गाड़ी में नहीं बल्कि अपनी माशूका और साथियों के साथ महंगी लग्ज़री कार में सवार होकर अपने ठिकाने पर पहुंचा।

जी हाँ …. गर्लफ्रैंड, ग्रुप और पूरे तामझाम के साथ सजायाफ्ता कैदी अमित सिंह बिहार पुलिस की निगहबानी में पेशी के लिए बिहार से झारखंड पहुंचा था। जहां वह अपनी प्रेमिका के साथ एक मकान में ठहरा और सुबह जल्द वापस लौटने का भरोसा दिला वह देवघर कोर्ट में पेशी के लिए निकल गया लेकिन, ज़िंदा वापस नहीं लौटा।
रात में चला था नाच-गाने के दौर

सूत्रों की मानें तो, पटना के बेऊर जेल में आजीवन सजायाफ्ता कैदी अपनी माशूका और सहयोगियों के साथ पेशी के लिए देवघर पहुंचा था। इस दौरान उसके साथ सुरक्षा के लिए बिहार पुलिस के पांच मुलाजिम भी मुस्तैद थे। बताया जा रहा है कि, देवघर पहुंचने के बाद ‘महाकाल’ सरगना अमित सिंह शहर के बीचों-बीच वीआईपी चौक के समीप एक मकान में अपनी गर्लफ्रेंड और सहयोगियों के साथ रात बिताई थी। सूत्रों की माने तो, शुक्रवार की रात मृतक अमित सिंह जिस मकान में अपनी प्रेमिका और सहयोगियों के साथ रुका था वहाँ, रात के वक्त जमकर पार्टी मनाई गई थी। नाच-गाना के साथ शराब और कवाब का भी जमकर दौर चला था। फिर सुबह वह अपनी प्रेमिका को घर मे छोड़कर सहयोगियों के साथ पेशी के लिए देवघर कोर्ट निकल गया। जिस वक्त अमित सिंह पर दनादन गोलियां दागी गई उसवक्त उसके सहयोगी साथ थे। मामले की छानबीन के दौरान देवघर पुलिस कप्तान ने अमित की गर्लफ्रैंड समेत सभी सात लोगों से पूछताछ की है।
महंगी और लग्ज़री कार पर सवार होकर पेशी पर आया था अमित सिंह
अमित सिंह हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस ने तीन महंगी और लग्ज़री नेक्सा, ब्रेज़ा और टोयटा की उन गाड़ियों को भी जब्त किया है जिसपर सवार होकर सभी पटना से देवघर पहुंचे थे। सवाल यह खड़ा होता है कि, जो अमित सिंह हत्या के मामले में बेऊर जेल के भीतर आजीवन सज़ायाफ्ता कैदी की हैसियत से सजा काट रहा था उसे पेशी के लिए पुलिस वाहन ने दूसरे राज्य क्यों नहीं भेजा गया?, इतना ही नहीं अमित सिंह की सुरक्षा में लगे बिहार पुलिस के मुलाजीमो ने नियम को ताख पर रख अमित सिंह को इतनी सुविधा कैसे मुहैया कराई?
अपनी जान बचते नज़र आए बिहार पुलिस के मुलाजिम
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस वक्त हमलावरों ने वकील के अस्थाई चेंबर में अमित पर गोलियां दागी उस वक्त पटना से अमित सिंह की सुरक्षा में साथ आये पुलिसकर्मी भी साथ थे। लेकिन, बेहद करीब से हुए हमले के बीच वो हमलावरों को दबोचने या अमित सिंह की सुरक्षा करने के बजाए खुद को बचाते दिखे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, अमित सिंह को जैसे ही गोली लगी, बिहार पुलिस के मुलाजिमों ने उसे फौरन हथकड़ी पहना दी, इस बीच हमलावर ने अपने चेहरे को गमछे से छिपाकर मौके से फरार हो गया।
अमित सिंह की मां ने कहा-अजय सिंह ने दी थी धमकी
देवघर कोर्ट से सटे वकालतखाना परिसर में ‘महाकाल’ सरगना अमित सिंह उर्फ निशांत की सरेआम हुई हत्या के बाद इस हत्याकांड को गैंगवार और बदले की कार्रवाई से जोड़ कर देखा जा रहा है। देवघर पहुंची मृतक की मां ने साल 2012 में बिहटा के चर्चित निर्भय सिंह मर्डर मामले से जोड़ते हुए कहा है कि, पटना में पेशी के दौरान निर्भय सिंह के दामाद अजय से नोक-झोंक हुई थी, इस बीच कुख्यात अमित सिंह के अन्य गिरोह से भी रंगदारी और वर्चस्व को लेकर अदावद की बात सामने आई है।
वीडियो में सागर व टेंगड़ा का नाम लेते दिखे अमित के साथी
महाकाल गैंग से ताल्लुक रखने वाले अमित की दिनदहाड़े अंजाम दिए गए हत्याकांड के बाद एक वीडियो सामने आया है। जिसमे, उसके शव को उठाकर ले जाने के क्रम में उसके सहयोगी किसी सूरज और टेंगड़ा का नाम लेते दिखे। दोनो का नाम लेकर जोर जोर से चीखते भी नज़र आए। पता चला कि, मृतक के साथ आए सहयोगी युवक जिसका नाम ले रहे थे। वह, अमित सिंह के विरोधी गिरोह के लिए काम करता है। फिलहाल देवघर के पुलिस कप्तान हत्याकांड के पीछे छिपी उन तमाम कड़ियों को सुलझाने के लिए तमाम बिंदुओं पर बारीकी से तफ्तीश में जुटे हैं।
हमलावरों ने रेकी कर वारदात को दिया अंजाम
शनिवार की सुबह 11 बजकर 4 मिनट पर जब एक हमलावर अपने शिकार को निशाना बना रहा था ठीक उसी वक्त उसका दूसरा साथी परिसर के बाहर बाइक स्टार्ट कर इंतज़ार कर रहा था। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावर काम को अंजाम देकर वकालतखना के हॉल के रास्ते बाहर निकला और उसके बाहर निकलते ही पहले से तैयार दूसरे साथी के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो गया।
स्पेशल ब्रांच, सीआईडी और फोरेंसिक टीम तलाश रही है सुराग

जिस जगह और इलाके में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है उसे सूरक्षा के लिहाज से काफी अहम इलाका माना जाता है। मौका ए वारदात वाली जगह से बिल्कुल सटे देवघर कोर्ट का कैंपस है इसके अलावा ठीक बगल में एसडीएम कार्यालय, पुलिस कप्तान का आवास और दफ्तर, एसडीपीओ का दफ्तर और कई न्यायिक मजिस्ट्रेट के साथ ही सरकारी अफसरान की रिहाईश भी है। ऐसे में इस हत्याकांड में शामिल बदमाशो की धर-पकड़ के साथ ही कत्ल की तह तक पहुंचकर सुराग तलाशने की खातिर, देवघर एसपी समेत स्पेशल ब्रांच के डीएसपी, फोरेंसिक टीम और सीआईडी की टीम लगातार माथापच्ची में जुटी है।



