
Deoghar: देवघर एयरपोर्ट (Deoghar Airport) पर रात में विमान की लैंडिंग को लेकर कुछ बिल्डिंगों को तोड़ा जाएगा। इस बात की जानकारी सोमवार को सुनवाई के दौरान हेमंत सरकार ने हाई कोर्ट (High Court) को दी। सरकार ने रात में विमान उतरने के लिए कुछ मकानों को ध्वस्त करने की बात कही है। इसके लिए सरकार ने 3 सप्ताह का समय मांगा।

गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा देवघर एयरपोर्ट को लेकर दायर अवमानना याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को मुख्य न्यायाधीश डॉ. रवि रंजन और एसएन प्रसाद की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत की ओर से सरकार को जारी शो-कॉज के बाद सरकार ने जवाब दाखिल किया। कोर्ट में सरकार ने बताया कि अप्रोच रोड के लिए काम शुरू कर दिया गया है। 15 जून तक अप्रोच रोड के लिए पेड़ काटे जाएंगे। 16 जून तक सड़क निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। बिजली और पानी की व्यवस्था कर दी गई है। सुरक्षित लैंडिंग के लिए कुछ पेड़ों को काटा जाना है।

नाइट लैंडिंग को लेकर सरकार ने कोर्ट में दलील दी कि इसके लिए नौ बिल्डिंगों को ध्वस्त करना है। इसके लिए सरकार ने 3 सप्ताह का समय मांगा। जवाब से संतुष्ट होते हुए अदालत ने सरकार को 17 जुलाई तक का समय दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी।
निशिकांत दुबे की ओर से अवमानना याचिका दाखिल कर कहा गया है कि एयरपोर्ट को वर्ष 2019 में संचालित करने के लिए केंद्र और राज्य ने सुविधा देने की अंडरटेकिंग हाईकोर्ट में दी थी। केंद्र ने अनुमति दे दी है, लेकिन राज्य सरकार एयरपोर्ट पर मूलभूत सुविधाएं नहीं प्रदान की है। इसकी वजह से उसका संचालन नहीं हो पा रहा है। देवघर एयरपोर्ट पूरी तरह से बनकर तैयार है। डीजीसीए ने भी अपनी अनुमति प्रदान कर दी है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से एयरपोर्ट ग्रीड, पानी और अप्रोच रोड नहीं बनाया जा रहा है। एयरपोर्ट के लिए दो अप्रोच रोड बनाया जाना था। मूलभूत सुविधा नहीं होने की वजह से देवघर एयरपोर्ट का संचालन नहीं हो पा रहा है।


