
Dhanbad: अपराधियों के ‘आतंक राज’ के खिलाफ धनबाद के डॉक्टर सोमवार को पूरे दिन हड़ताल पर रहे। धनबाद स्थित मेडिकल कॉलेज और सदर अस्पताल को छोड़ शहर के तमाम प्राइवेट हॉस्पिटल्स, नसिर्ंग होम, पॉली क्लिनिक, निजी क्लिनिक में किसी भी डॉक्टर ने सेवा नहीं दी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की झारखंड (IMA Jharkhand) इकाई ने भी धनबाद के डॉक्टरों के आंदोलन (dhanbad doctors movement) का समर्थन किया है। आईएमए ने कहा है कि डॉक्टरों को सुरक्षा नहीं मिली तो पूरे राज्य के डॉक्टर भी हड़ताल पर जायेंगे। धनबाद में डॉक्टरों के समर्थन में पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और तमाम जांचघर भी सोमवार को पूरी तरह बंद रखे गये। इस वजह से मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। प्राइवेट हॉस्पिटल्स में ओपीडी से लेकर इमरजेंसी सेवा तक बंद रखी गयी। 9 मई की सुबह 6बजे से शुरू हुई यह हड़ताल 10 मई की सुबह 6 बजे तक जारी रहेगी।

इधर आईएमए के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ सहजानंद सिंह और सचिव डॉ जयेश लेले ने धनबाद में डॉक्टरों से रंगदारी मांगे जाने की घटनाओं को लेकर झारखंड के राज्यपाल को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि रंगदारों की धमकी की वजह से डॉक्टर समीर को धनबाद छोड़ना पड़ा। असुरक्षा के ऐसे माहौल में डॉक्टरों के लिए काम करना बेहद मुश्किल है।

आईएमए, धनबाद के सचिव डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि अपराधी डॉक्टरों को टारगेट कर रहे हैं। एक-एक करोड़ तक की रंगदारी मांगी जा रही है। नहीं देने पर जान मारने की धमकी दी जा रही है। पुलिस और प्रशासन कोई ऐसा कदम नहीं उठा रहा कि डॉक्टरों में सुरक्षा और विश्वास का भाव जगे। आईएमए के पदाधिकारियों ने डॉ. समीर को धमकाने वाले छोटू सिंह को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। कहा कि इस घटना के बाद से सभी डॉक्टनरों में दहशत है। डॉ. समीर तो धनबाद छोड़ चुके हैं। ऐसे माहौल में कोई भी डॉक्टार काम नहीं करना चाह रहता है। अगर जिला पुलिस प्रशासन ने डॉक्टरों का विश्वास हासिल नहीं किया, तो स्थिति और खराब होगी।


