
Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार (Press Advisor to Jharkhand Chief Minister Hemant Soren) अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू के खिलाफ झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) में शुक्रवार को जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता शिव शंकर शर्मा ने अधिवक्ता राजीव कुमार के माध्यम से यह याचिका दायर की है। इसमें अदालत से प्रार्थना की गई है कि प्रेस सलाहकार को उनके पद से हटाया जाए और उनकी संपत्ति की सीबीआई और ईडी से जांच कराई जाए।
पद की योग्यता नहीं

याचिकाकर्ता शिव शंकर शर्मा ने अपनी याचिका के माध्यम से आरोप लगाया है कि प्रेस सलाहकार के पद पर अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू की नियुक्ति गलत है, क्योंकि जिस पद पर उनकी नियुक्ति हुई है उसकी योग्यता उनके पास नहीं है। वह प्रेस सलाहकार के पद पर हैं, लेकिन मास कम्युनिकेशन या जर्नलिज्म से संबंधित कोई भी प्रमाण पत्र उनके पास नहीं है। वह कभी पत्रकार नहीं रहे हैं। उनको दिया जा रहा वेतन और अन्य भत्ता पब्लिक मनी का दुरुपयोग है इसलिए उन्हें इस पद पर से हटा दिया जाए।
खुद के नाम से साहिबगंज में माइन लीज लिए हुए हैं

याचिकाकर्ता ने प्रेस सलाहकार पर यह भी आरोप लगाया है कि वह खुद के नाम से साहिबगंज में माइन लीज लिए हुए हैं। इसके अलावा ऊषा मार्टिन नाम की कंपनी को धमका कर कोल ट्रांसपोर्टिंग का काम भी लिए हुए हैं। कंपनियों को धमकी देकर मैनेज कर रहे हैं। इसी के साथ अन्य अवैध तरीकों से करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों का कॉल रिकॉर्ड निकाला जाए
याचिका के माध्यम से अदालत से मांग की गई है कि पिछले कुछ दिनों का कॉल रिकॉर्ड निकाला जाए, ताकि उनकी असलियत सबके सामने आए। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि साहिबगंज में वे अपने मन के अनुसार अधिकारी की नियुक्ति करते हैं। वह पद का दुरुपयोग कर गलत तरीके से काम करते हैं। साहिबगंज में उनके संबंधी अधिकारी की नियुक्ति होती है और वह कई वर्षों से एक जगह जमे रहते हैं। इन तमाम बिंदुओं की जांच को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। फिलहाल उनके खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। जब अदालत में अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू की ओर से अधिवक्ता उपस्थित होंगे, उसके बाद उनके अधिवक्ता उनका पक्ष भी रखेंगे, तब दोनों पक्षों की बात सामने आएगी।


