Deoghar: जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के सिमरजोर गांव में 12 अप्रैल को आपसी विवाद को लेकर दो पक्ष में जमकर मारपीट हुई थी। जिसमें एक पक्ष के ललन कुमार मंडल गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। घायल की इलाज के दौरान मौत के बाद जमकर हंगामा बरपा।

आरोप है कि गंभीर स्थिति में भी थाना प्रभारी द्वारा उसे थाना में बैठा कर रखा गया था। समय पर इलाज नहीं हो पाने से युवक की स्थिति गंभीर हो गयी थी। आनन-फानन में परिजनों ने थाना प्रभारी से वार्ता कर उसे इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक इलाज कर बेहतर इलाज के लिए उसे रांची रेफर कर दिया गया था। इलाज के दौरान मंगलवार देर रात को घायल ललन कुमार मंडल की मौत हो गयी। जिसके बाद बुधवार सुबह परिजन और ग्रामीण मृतक ललन का शव लेकर देवघर- दुमका सड़क पर उतर गए।

देवघर – दुमका सड़क मार्ग अवस्थित चंदनाठाढ़ी मोड़ के पास ग्रमीणों ने घंटो जाम कर दिया। जाम की सूचना होते ही मोहनपुर थाना प्रभारी प्रदीप ने संबंधित थाना के अधिकारी को भेज कर आक्रोशित लोगों को समझाने -बुझाने का प्रयास किया गया। लेकिन उग्र भीड़ ने मोहनपुर पुलिस को खदेड़ कर भगा दिया। जिसकी जानकारी एसडीपीओ पवन कुमार को होते ही वह टीम के साथ जाम स्थल पहुंचकर लोगों को समझाने बुझाने का प्रयास किया। लेकिन उग्र भीड़ एवं मृतक के परिजन ने किसी की नहीं मानी और अपनी मांग पर अड़े रहे।
बाद में, एसडीपीओ पवन कुमार द्वारा मृतक के परिजन को सभी प्रकार की सरकारी योजना का लाभ दिलाने और मोहनपुर थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप पर लगाया गये आरोप की जांच कर विभाग द्वारा कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद उग्र भीड़ ने जाम हटाया।
इस दौरान सड़क पर लम्बा जाम लगा रहा। मरीज दर्द से कराहते नजर आये। छात्रों को काफी परेशानी हुई।



